श्रीनगर: इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ एफआईआर पर पीडीपी ने बताया सत्ता का दुरुपयोग
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ श्रीनगर में 4 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ श्रीनगर में 4 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि इल्तिजा मुफ्ती को जांच में शामिल होने के लिए तलब किया गया है और मामले की जांच जारी है। यह मामला श्रीनगर के कोठीबाग थाने में एफआईआर संख्या 63/2026 के तहत दर्ज किया गया है।
आईएएनएस के पास उपलब्ध एफआईआर की प्रति के अनुसार, घटना 4 अगस्त की रात करीब 9:10 बजे रेजिडेंसी रोड स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर हुई। एफआईआर में कहा गया है कि इलाके में तैनात पुलिस गश्ती दल ने देखा कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा मुफ्ती के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता मुख्य सड़क की ओर बढ़ रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क पर एकत्र न होने का अनुरोध किया, क्योंकि इससे यातायात प्रभावित होने की आशंका थी।
एफआईआर के मुताबिक, पुलिस का अनुरोध मानने के बजाय प्रदर्शनकारी कथित तौर पर आक्रामक हो गए और पुलिस दल पर हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनके खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया गया और उन्हें सरकारी कर्तव्य निभाने से रोका गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने का भी दावा किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132(1), 121 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।
वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने पुलिस की कार्रवाई को सत्ता और अधिकार का खुला दुरुपयोग करार दिया है। पार्टी का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया था, जिसे सिटी पुलिस (ईस्ट) ने आगे बढ़ने से रोक दिया।
पार्टी के अनुसार, इल्तिजा मुफ्ती हाथ में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग वाला प्लेकार्ड लेकर अकेले मुख्य सड़क की ओर बढ़ीं, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पीडीपी का आरोप है कि इस दौरान एसपी रैंक की एक महिला आईपीएस अधिकारी, अन्य पुलिसकर्मियों और इल्तिजा के निजी सुरक्षा अधिकारी ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। पार्टी का दावा है कि महिला अधिकारी के निर्देश पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए इल्तिजा को घसीटा।
पीडीपी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया। पार्टी ने कहा कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं और वह इस मामले को अदालत में ले जाएगी। साथ ही, कथित रूप से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।


