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प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, पेपर लीक बिल सिर्फ लीपापोती: आदित्य गुप्ता

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर लगाई गई रोक, केंद्र सरकार के एंटी-पेपर लीक बिल, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति, सीजेपी से जुड़े विवाद और बिहार में प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से फायरिंग की घटना को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जुबानी हमला किया

प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, पेपर लीक बिल सिर्फ लीपापोती: आदित्य गुप्ता
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जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर लगाई गई रोक, केंद्र सरकार के एंटी-पेपर लीक बिल, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति, सीजेपी से जुड़े विवाद और बिहार में प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से फायरिंग की घटना को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं कर रही।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए आदित्य गुप्ता ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच पहले ही यह सहमति बनी थी कि आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। विरोध-प्रदर्शन में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और यदि कोई अपने इस अधिकार का प्रयोग करता है तो उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में एफआईआर दर्ज करना या कार्रवाई करना उचित नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद भाजपा शासित राज्यों में अब भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। भाजपा अपनी ही बात से पीछे हट रही है, जो बेहद शर्मनाक है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को आलोचना स्वीकार करनी चाहिए और लोगों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। नाबालिगों को हिरासत में लेने जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का संकेत है कि स्थिति गंभीर है और सरकार को इससे सीख लेनी चाहिए।

केंद्र सरकार के एंटी-पेपर लीक बिल पर पीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि यह विधेयक केवल लीपापोती है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह संसद में धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत किया गया, वह इस बात का संकेत है कि भाजपा पेपर लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जिस कार्यकाल में कई पेपर लीक हुए और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ, उस दौर की जवाबदेही तय होनी चाहिए थी। संबंधित जिम्मेदार लोगों को अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए सुधार के प्रयास करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह विधेयक केवल वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास है।

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के हालात और हालिया घटनाओं पर आदित्य गुप्ता ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में लोगों की जान जाना चिंताजनक है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। पीडीपी की इच्छा है कि जिस तरह जम्मू-कश्मीर में शांति कायम रहे, उसी प्रकार नियंत्रण रेखा के उस पार भी शांति बनी रहे। दोनों ओर शांति रहने से जम्मू-कश्मीर भविष्य में भारत को मध्य एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित हो सकता है। पार्टी का स्पष्ट दृष्टिकोण कश्मीर के दोनों हिस्सों में स्थायी शांति का है।

सीजेपी की ओर से एक बड़े होटल में आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर आदित्य गुप्ता ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज सवाल वही लोग उठा रहे हैं जिन्होंने उस समय कोई आवाज नहीं उठाई जब छात्र कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। यह नई पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है और उसने अपनी लड़ाई में बड़ी सफलता हासिल की है। बार-बार होने वाले पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं, इसलिए युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक है। भाजपा पर पाखंड का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग छात्रों से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं रखते।

बिहार में प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से फायरिंग की घटना पर आदित्य गुप्ता ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। जिस नए भारत की बात की गई थी, आज उसकी तस्वीर बेहद चिंताजनक दिखाई देती है और सरकार को लोकतांत्रिक अधिकारों तथा शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए।


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