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इजरायली मंत्री के बयान पर भड़कीं ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर

लंदन, ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने इजरायल के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के लेबनान को लेकर दिए हालिया बयान की कड़ी निंदी की है।

इजरायली मंत्री के बयान पर भड़कीं ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर
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लंदन, ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने इजरायल के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के लेबनान को लेकर दिए हालिया बयान की कड़ी निंदी की है। दरअसल, दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में चार इजरायली सैनिकों की मौत हो गई। इसके बाद रक्षा मंत्री ने कहा था कि पूरा लेबनान जल जाना चाहिए।

विदेश सचिव यवेट कूपर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पूरे लेबनान को जलाने की बात कहना एक इजरायली मंत्री का बहुत ही भयानक और घिनौना बयान है, जिस पर ब्रिटेन की सरकार ने सही ही रोक लगाई है। हम इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों से अपील करते हैं कि वे तय सीजफायर का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी आम लोग सुरक्षित रहें।"

बेन-ग्विर ने एक बयान में कहा, “अमेरिकियों के प्रति पूरे सम्मान के साथ, इजरायल को पूरी दुनिया को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा सौदेबाजी का विषय नहीं है। पूरा लेबनान जल जाना चाहिए।”

हिब्रू मीडिया आउटलेट्स ने सोमवार को बताया कि बेन-ग्विर ने अपना अमेरिका का दौरा रद्द कर दिया है। अमेरिकी दूतावास ने वीजा लेने की शर्त के तौर पर उनसे खुद आकर अपने फिंगरप्रिंट देने को कहा था।

इजरायली मंत्री बेन ग्विर ने बार-बार भड़काऊ बयानों के जरिए सुर्खियां बटोरी हैं। उनके कुछ बयानों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई है।

इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि अमेरिकी दूतावास ने बेन-ग्विर के फिंगरप्रिंट की मांग शायद आपराधिक मामलों की वजह से हुई। टाइम्स ऑफ इजरायल ने चैनल 13 के हवाले से बताया कि वाशिंगटन उन्हें वीजा देने के लिए तैयार नहीं था।

हालांकि बेन ग्विर अपने फिंगरप्रिंट देने के लिए दूतावास पहुंचे और वहां अधिकारियों ने उनका इंटरव्यू लिया, लेकिन आखिर में उन्होंने पूरा दौरा रद्द करने का फैसला किया। इजरायली मीडिया ने कहा कि उन्होंने अपने साथियों से कहा कि उन्हें चिंता है कि उनकी फ्लाइट के लिए वीजा समय पर नहीं आएगा।

चैनल 13 को जवाब देते हुए, रक्षा मंत्री के ऑफिस ने एक बयान में कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का विकल्प छोड़ने का फैसला किया है, क्योंकि उनका ज्यादातर दौरा व्यक्तिगत तौर पर प्लान किया गया था। उन्होंने रेगुलर वीजा के लिए आवेदन दिया।


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