Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप : 'लेक ओंटारियो' का नाम हटाकर 'लेक अमेरिका' करने का आर्डर

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय सरकार को 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसके पीछे झील के आर्थिक महत्व और ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया।

ट्रंप : लेक ओंटारियो का नाम हटाकर लेक अमेरिका करने का आर्डर
X

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय सरकार को 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसके पीछे झील के आर्थिक महत्व और ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया।

जारी किए गए एक्जीक्यूटिव आदेश में अमेरिकी आंतरिक मामलों के मंत्री को निर्देश दिया गया है कि वे 'फेडरल बोर्ड ऑन ज्योग्राफिक नेम्स' के साथ मिलकर 30 दिनों के भीतर नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करें।

यह आदेश केवल अमेरिकी संघीय सरकार की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले नामों पर लागू होगा। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा दोनों के बीच साझा झील है और दोनों देशों की सीमा इसी झील के बीच से गुजरती है।

आदेश में ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रेट लेक्स का सबसे बड़ा संरक्षक है, जिसमें वह जल क्षेत्र भी शामिल है जिसे फिलहाल 'लेक ओंटारियो' कहा जाता है।"

उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका सुरक्षा और निवेश न करता, तो यह मीठे पानी की प्रणाली आज की तरह शिपिंग, मनोरंजन और जिम्मेदार उपयोग के लिए इतनी खुली नहीं होती।"

ट्रंप ने दावा किया कि ग्रेट लेक्स क्षेत्र में चलने वाले 11 आइस-ब्रेकिंग जहाजों में से 9 अमेरिकी तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) संचालित करता है और व्यापारिक जहाजों के मार्गों को बिना किसी शुल्क के खुला रखता है।

उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में अमेरिका ने ग्रेट लेक्स के मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर लगभग 4 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जबकि कनाडा ने इसी तरह के कार्यक्रमों पर काफी कम निवेश किया है।

हालांकि, आदेश में कनाडा के निवेश से जुड़े कोई आंकड़े नहीं दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि झील के सबसे गहरे हिस्से अमेरिकी क्षेत्र में स्थित हैं और दावा किया कि झील के अधिकांश जल भंडार पर अमेरिका का अधिकार है। आदेश में लेक ओंटारियो को अमेरिकी खोज, बसावट, व्यापार और रक्षा इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।

इसमें न्यूयॉर्क के ओस्वेगो शहर का उल्लेख किया गया है, जो ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण किला रहा है और सेंट लॉरेंस सीवे से आने वाले जहाजों के लिए अमेरिका का पहला बंदरगाह था। साथ ही, 1812 के युद्ध के दौरान सैकेट्स हार्बर में जहाज निर्माण और नौसैनिक अभियानों का भी जिक्र किया गया है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ग्रेट लेक्स-सेंट लॉरेंस सीवे प्रणाली अमेरिका में लाखों नहीं बल्कि सैकड़ों हजार नौकरियों का समर्थन करती है और हर साल अरबों डॉलर की आर्थिक गतिविधि, माल ढुलाई और व्यापारिक आय पैदा करती है।

इस जलमार्ग से लौह अयस्क, चूना पत्थर, कोयला, कृषि उत्पाद और अन्य बड़ी मात्रा में माल की ढुलाई की जाती है।

आदेश के अनुसार, झील का पानी परमाणु, प्राकृतिक गैस और तेल से चलने वाले बिजली संयंत्रों में भी इस्तेमाल होता है और आसपास के समुदायों को पीने का पानी उपलब्ध कराता है।

ट्रंप ने कहा, "यह झील अमेरिका के भविष्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।"

उन्होंने कहा, "इस समृद्ध आर्थिक संसाधन और हमारी अर्थव्यवस्था एवं नागरिकों के लिए इसके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, मैं निर्देश देता हूं कि इस झील का आधिकारिक नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' किया जाए।"

बोर्ड को यह निर्देश भी जारी करना होगा कि सभी सरकारी विभाग और संघीय एजेंसियां नक्शों, अनुबंधों, दस्तावेजों और आधिकारिक संचार में 'लेक अमेर‍िका' नाम का उपयोग करें।

हालांकि, इस आदेश में कनाडा, ओंटारियो प्रांत, अंतरराष्ट्रीय संगठनों या निजी नक्शा प्रदाताओं को नया नाम अपनाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि नाम परिवर्तन मौजूदा कानूनों और उपलब्ध बजट के अनुसार लागू किया जाएगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it