Top
Begin typing your search above and press return to search.

पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों पर आतंकी हमलों में लगातार बढ़त

इस्लामाबाद, इस साल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शैक्षणिक संस्थानों पर हमले की 11 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 13 लोगों की मौत हुई है।

पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों पर आतंकी हमलों में लगातार बढ़त
X

इस्लामाबाद, इस साल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शैक्षणिक संस्थानों पर हमले की 11 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 13 लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल (एसएटीपी) के 14 जून तक के आंशिक आंकड़ों के हवाले से दी गई एक रिपोर्ट में सामने आई है।

'यूरेशिया रिव्यू' की एक रिपोर्ट में बताया गया क‍ि 2025 में इसी अवधि के दौरान खैबर पख्तूनख्वा में किसी शैक्षणिक संस्थान पर हमले की सिर्फ एक घटना दर्ज हुई थी, जिसमें तीन बच्चे घायल हुए थे। इससे पता चलता है कि वहां स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाकर की जाने वाली आतंकी हिंसा में बढ़ोतरी हुई है। 2025 के पूरे साल खैबर पख्तूनख्वा में शैक्षणिक संस्थानों पर हमले की कुल 11 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें तीन लोग घायल हुए थे।

इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट के रिसर्च एसोसिएट तुषार रंजन मोहंती ने 'यूरेशिया रिव्यू' में लिखा, "2006 से अब तक शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाकर कम से कम 557 हमले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 321 लोगों की मौत हुई और 208 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मीडिया की पहुंच सीमित है और सरकारी एजेंसियों से भी जानकारी लगातार नहीं मिलती, इसलिए असली संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।"

रिपोर्ट के अनुसार, किसी शैक्षणिक संस्थान पर पहला दर्ज हमला 25 दिसंबर 2006 को हुआ था। यह हमला कोहाट जिले के दर्रा आदमखेल इलाके के नूर अली कलाई क्षेत्र में एक लड़कियों के स्कूल पर हुआ था। बम धमाके में स्कूल की इमारत के तीन कमरे पूरी तरह नष्ट हो गए थे।

हमले से पहले कट्टरपंथियों ने कई मिडिल और हाई स्कूलों को धमकी भरे पत्र भेजे थे। इनमें कहा गया था कि लड़कियों की पढ़ाई कक्षा चार से आगे बंद कर दी जाए, वरना स्कूलों को नष्ट कर दिया जाएगा और स्कूल के प्रिंसिपल की हत्या कर दी जाएगी।

शैक्षणिक संस्थान पर हुआ सबसे घातक हमला 2014 में खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर में हुआ था। उस समय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सात आतंकियों ने आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) पर हमला किया था। इस हमले में कम से कम 135 छात्रों, 10 स्कूल कर्मचारियों (प्रिंसिपल भी शामिल) और तीन सैनिकों की मौत हुई थी। इसके अलावा 121 लोग घायल हुए थे, जिनमें 118 छात्र और तीन स्टाफ सदस्य शामिल थे। हमला आठ घंटे से ज्यादा चला, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सभी सात हमलावरों को मार गिराया।

पिछले महीने पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने अपनी मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान में सुरक्षा हालात मई में खराब हुए हैं। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई।

पीआईसीएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, मई में आतंकी हमलों में तेजी आई, जबकि इससे पहले कुछ समय के लिए इनमें कमी आई थी। हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की बढ़ती घटनाएं दिखाती हैं कि सुरक्षा की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it