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बैलट पेपर केस में हलचल, "दक्षिण कोरिया" में संसदीय समिति की पहली सुनवाई

सोल, दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान कई मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की कमी मामले को लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। सरकार पर इसे लेकर काफी दबाव था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष संसदीय समिति का गठन किया गया। जिसने मंगलवार को अपनी पहली सुनवाई की।

बैलट पेपर केस में हलचल, दक्षिण कोरिया में संसदीय समिति की पहली सुनवाई
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सोल, दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान कई मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की कमी मामले को लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। सरकार पर इसे लेकर काफी दबाव था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष संसदीय समिति का गठन किया गया। जिसने मंगलवार को अपनी पहली सुनवाई की।

यह जांच उस घटना से जुड़ी है जिसमें 3 जून के स्थानीय चुनावों के दौरान सोल के एक दर्जन से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदान सामग्री की कमी सामने आई थी। इसके बाद नेशनल असेंबली ने 18 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया था।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पूर्व निर्वाचन आयोग (नेशनल इलेक्शन कमीशन) अध्यक्ष रोह ताए-आक ने सुनवाई के दौरान कहा, "निर्वाचन आयोग की निगरानी में सामने आई कमियों के लिए वो खुद को जिम्मेदार मानते हैं।"

वहीं कार्यवाहक अध्यक्ष वी चुल-ह्वान ने मतदाताओं से औपचारिक माफी मांगते हुए कहा कि मतदान के दौरान लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा, "मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पूरा सहयोग करने को मैं तैयार हूं।" वहीं, इस समय उनके इस्तीफे की मांग को उन्होंने “गैर-जिम्मेदाराना” बताया।

सुनवाई के दौरान केवल एक मौजूदा आयुक्त के उपस्थित होने पर सांसदों ने नाराजगी जताई। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया और विपक्षी पीपल पावर पार्टी दोनों दलों ने अनुपस्थित अधिकारियों के रवैये को “सामूहिक अवज्ञा” करार दिया।

जांच समिति ने 43 गवाहों को तलब करने का निर्णय लिया है, जिनमें निर्वाचन आयोग के 27 वर्तमान और पूर्व अधिकारी शामिल हैं।

आगे की प्रक्रिया के तहत 1 जुलाई को दूसरी रिपोर्टिंग, 8 जुलाई को स्थल निरीक्षण और 14 व 22 जुलाई को दो दिन की सुनवाई निर्धारित की गई है।

सोमवार को ही योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया था कि आठ अधिकारियों को पुलिस और अभियोजन पक्ष की संयुक्त जांच टीम के सामने पेश होने के लिए कहा गया। यह टीम देशभर के 26 मतदान केंद्रों पर हुई मतपत्रों की कमी की जांच कर रही है, जिसके कारण कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा था।

संबंधित सरकारी कर्मचारियों को सोल के उन दो मतदान केंद्रों के प्रबंधन के लिए तैनात किया गया था, जहां मतपत्र खत्म होने की समस्या सामने आई थी।

सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता उनसे उस समय चुनाव निगरानी संस्था (नेशनल इलेक्शन कमीशन यानी एनईसी) द्वारा उठाए गए कदमों और स्थिति से निपटने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेंगे।

यह कार्रवाई 11 जून को संयुक्त जांच टीम की ओर से एनईसी कार्यालय पर की गई छापेमारी के बाद हो रही है। जांच टीम मतपत्रों की कमी की घटना की जांच कर रही है।


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