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पीएम शहबाज ने कहा अमेरिका और ईरान समझौते को पाकिस्तान ने दिया समर्थन

इस्लामाबाद, अमेरिका और ईरान के बीच महीनों के संघर्ष के बाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर गुरुवार को हस्ताक्षर हुआ।

पीएम शहबाज ने कहा अमेरिका और ईरान समझौते को पाकिस्तान ने दिया समर्थन
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इस्लामाबाद, अमेरिका और ईरान के बीच महीनों के संघर्ष के बाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर गुरुवार को हस्ताक्षर हुआ। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ऐतिहासिक 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू)' बताया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोल दिया जाएगा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौता’ पर आज (गुरुवार को) हस्ताक्षर हो गए हैं। इस एमओयू पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने साइन किए और मध्यस्थ के तौर पर मैंने भी इसे मंजूरी दी है। इस समझौते पर हस्ताक्षर होना संघर्ष के कूटनीतिक समाधान के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को दिखाता है।"

पीएम शहबाज ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ है, उसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा। समझौते के तहते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा। वहीं अमेरिका तुरंत नौसेना की नाकाबंदी हटा देगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बधाई दी और सराहना करते हुए कहा कि उनकी (ट्रंप की) कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देने ने एक बार फिर उस लड़ाई को खत्म करने में मदद की है जिसके नतीजे इस इलाके और उससे आगे भी खतरनाक हो सकते थे।

वहीं, उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की सराहना भी की। पीएम शहबाज ने कहा कि मैं ईरान की तरफ से बातचीत करने वाली टीम की कोशिशों के प्रति सम्मान जताना चाहता हूं, जिसमें मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, अब्बास अराघची और एस्कंदर मोमेनी शामिल हैं। इनके सब्र, लगन और अच्छे काम के लिए प्रतिबद्धता ने इस समझौते को पूरा करने में मदद की।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस समझौते को सफल बनाने के लिए कतर, सऊदी अरब साम्राज्य, तुर्किए और मिस्र की सरकार की भूमिका की सराहना की। इसके अलावा असीम मुनीर को लेकर पीएम शहबाज ने लिखा, "मैं फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का खास जिक्र करना चाहूंगा, जिनकी अनथक कोशिश, निस्वार्थ समर्पण और अहम भूमिका इस कामयाबी को आसान बनाने और शांति व इलाके की स्थिरता को आगे बढ़ाने में बहुत जरूरी थी। उम्मीद है कि यह समझौता ज्ञापन पूरे क्षेत्र के लिए बेहतर समझ, आपसी सम्मान और साझा खुशहाली के लिए एक स्थायी आधार का काम करेगा।"


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