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नेपाल की व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोग

काठमांडू, नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ भारत की एक टनल रेस्क्यू टीम (सुरंग बचाव दल) अलग-अलग पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए खोज और बचाव अभियान चला रही है।

नेपाल की व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोग
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काठमांडू, नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ भारत की एक टनल रेस्क्यू टीम (सुरंग बचाव दल) अलग-अलग पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए खोज और बचाव अभियान चला रही है।

भारतीय दूतावास ने सोमवार को बताया क‍ि भारत की टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाली सेना की टीम के साथ मिलकर काम किया।

दूतावास ने बताया कि भारतीय टीम नेपाली सेना के साथ करीबी समन्वय में आगे भी खोज और बचाव अभियान जारी रखेगी।

नेपाल के निजी क्षेत्र के बिजली परियोजना डेवलपर्स के प्रतिनिधि संगठन, इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में स्थित 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कुल 897 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक, जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे सात भारतीय और 15 चीनी नागरिकों को रविवार को सुरक्षित बचा लिया गया।

नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन के सुरंग विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे हैं और जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

नेपाल सरकार और आईपीपीएएन के बयानों के अनुसार, रविवार को भारतीय टीम ने विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में बचाव कार्यों में हिस्सा लिया।

ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने बताया कि बचाव अभियान में मदद के लिए नेपाल पहुंची भारतीय टीम ने हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों का प्रारंभिक हवाई सर्वेक्षण किया और आवश्यकता के अनुसार आगे भी बचाव अभियान चलाने की योजना बनाई है।

प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने रविवार देर रात फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय टीम ने नेपाल सेना के साथ समन्वय करके रसुवा में स्थित 22 मेगावाट क्षमता वाली चिलिमे जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया। इसके बाद पंप और खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर) मौके पर पहुंचाकर बचाव कार्य शुरू किया गया।

आईपीपीएएन के अनुसार, रविवार को चिलिमे परियोजना में चल रहा बचाव अभियान उस समय रोकना पड़ा जब एक और बाढ़ आई और बांध क्षेत्र में पिछली बाढ़ से बची हुई संरचनाओं को भी बहा ले गई।

प्रधानमंत्री ने कहा, "रसुवा की लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना में नेपाल सेना ने खोज और बचाव गश्त अभियान चलाया। भारतीय टीम ने भी नेपाल सेना के साथ मिलकर इलाके का निरीक्षण किया है और पंप तथा एक्सकेवेटर वहां पहुंचाने के बाद अतिरिक्त बचाव कार्य शुरू कर दिया है।"


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