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जेजू विमान हादसे की जांच का आदेश: दक्षिण कोरिया

सोल, दक्षिण कोरिया में 2024 का जेजू एयर विमान हादसा बेहद घातक हादसों में से एक माना जाता है। कुल 179 विमान सवारों की इसमें मौत हो गई थी।

जेजू विमान हादसे की जांच का आदेश: दक्षिण कोरिया
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सोल, दक्षिण कोरिया में 2024 का जेजू एयर विमान हादसा बेहद घातक हादसों में से एक माना जाता है। कुल 179 विमान सवारों की इसमें मौत हो गई थी। अब सरकार ने उस हादसे की जांच का आदेश दिया है।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को कोरिया एयरपोर्ट्स कॉरपोरेशन (केएसी), परिवहन मंत्रालय और बुसान क्षेत्रीय विमानन कार्यालय में छापेमारी की। अधिकारियों ने हादसे से जुड़े अहम दस्तावेज और अन्य सबूत जुटाने के लिए यह कार्रवाई की।

29 दिसंबर 2024 को मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जेजू एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दक्षिण कोरिया के सबसे घातक विमान हादसों में शामिल इस दुर्घटना की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि संबंधित सरकारी और विमानन एजेंसियों ने अपनी जिम्मेदारियां सही तरीके से निभाईं या नहीं।

पुलिस की विशेष जांच टीम के अनुसार, छापेमारी का मकसद उन दस्तावेजों और सामग्रियों को हासिल करना है, जो हादसे से पहले और बाद में संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई की पड़ताल में मदद कर सकते हैं।

जांच के दायरे में 45 लोग हैं, जिन पर पेशेवर लापरवाही के कारण मौत या चोट पहुंचाने के संदेह में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर उन पर गंभीर सार्वजनिक आपदा पैदा करने से संबंधित अतिरिक्त आरोप भी लगाए जा सकते हैं।

कोरिया एयरपोर्ट्स कॉरपोरेशन दक्षिण कोरिया के अधिकांश प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है, हालांकि इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इसके दायरे में नहीं आता। इसलिए केएसी और विमानन प्रशासन से जुड़े रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुआन एयरपोर्ट पर दुर्घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था, आपात प्रतिक्रिया और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कहीं ऐसी चूक तो नहीं हुई, जिसने हादसे के परिणाम को और गंभीर बनाया।

हादसे के बाद से ही दक्षिण कोरिया में विमानन सुरक्षा व्यवस्था और मुआन एयरपोर्ट की तैयारियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नई छापेमारी से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां अब केवल विमान दुर्घटना के तकनीकी कारणों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि संभावित प्रशासनिक और पेशेवर लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।


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