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सऊदी के तीन शहरों पर किया मिसाइल-ड्रोन हमला

रियाद, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि हूती समूह ने सऊदी अरब के खमीस मुशेत, आभा और जाजान शहरों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

सऊदी के तीन शहरों पर किया मिसाइल-ड्रोन हमला
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रियाद, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि हूती समूह ने सऊदी अरब के खमीस मुशेत, आभा और जाजान शहरों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि हूती लगातार सऊदी अरब की राष्ट्रीय संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उनके अनुसार, यह क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और आम नागरिकों को निशाना बनाने की हूतियों की आक्रामक नीति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि गठबंधन की संयुक्त सैन्य कमान सऊदी अरब की संप्रभुता, राष्ट्रीय संपत्तियों, नागरिकों और नागरिक सुविधाओं की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करेगी।

बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को हुए ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है।

इससे पहले बुधवार को हूती समूह ने दावा किया था कि पिछले 12 घंटों के दौरान उसके नियंत्रण वाले इलाकों पर 'सऊदी हवाई हमलों' की दर्जनों घटनाएं हुई हैं।

सीमा पार हो रहे ये हमले यमन के भीतर भी बढ़ते संघर्ष के बीच हो रहे हैं, जहां सरकारी बल और हूती कई मोर्चों पर लड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा संघर्ष देश के पश्चिमी इलाकों में देखने को मिल रहा है। यह बढ़ता तनाव अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद बनी अपेक्षाकृत शांति को खत्म कर सकता है।

इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने यमन के हूतियों की ओर से दक्षिणी सऊदी अरब में कई जगहों पर किए गए सीमा पार हमलों की निंदा की थी। इन हमलों से नागरिक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संगठन को इन हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरों को लेकर भी गहरी चिंता है।

प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र यमन के भीतर कई मोर्चों पर बढ़ती सैन्य झड़पों को लेकर भी चिंतित है, खासकर उन खबरों को लेकर जिनमें लड़ाई के कारण आम नागरिकों के प्रभावित होने की बात कही गई है।

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग लगातार दोनों पक्षों के साथ सीधे संपर्क में हैं। उनका उद्देश्य मौजूदा तनाव को नियंत्रित करना और बातचीत की संभावनाओं को बनाए रखना है। प्रवक्ता ने कहा कि सैन्य तनाव में लगातार बढ़ोतरी यमन के लिए राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के मोर्चे पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने सभी पक्षों से संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चल रहे राजनीतिक प्रयासों में रचनात्मक सहयोग करने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि यमन में बढ़ती लड़ाई उन समुदायों के लिए और भी विनाशकारी साबित हो रही है, जो एक दशक से ज्यादा समय से जारी संघर्ष के कारण पहले ही मुश्किल हालात में जी रहे हैं।

कार्यालय के अनुसार, गुरुवार से शुरू हुई लड़ाई में तेजी आने के बाद ताइज प्रांत और दक्षिणी अल-हुदैदाह प्रांत में 5,600 से ज्यादा परिवारों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। पिछले एक सप्ताह में कम से कम 11 आम नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हुए हैं।


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