Top
Begin typing your search above and press return to search.

भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए 1 जुलाई को दिल्ली आएगी जापान की पीएम ताकाइची

नई दिल्ली, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर 1 जुलाई को भारत पहुंचेंगी। वो 16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में शामिल होंगी। यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी होगी। आगामी सम्मेलन पांच अहम क्षेत्रों में ठोस सहयोग पर केंद्रित रहेगा।

भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए 1 जुलाई को दिल्ली आएगी जापान की पीएम ताकाइची
X

नई दिल्ली, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर 1 जुलाई को भारत पहुंचेंगी। वो 16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में शामिल होंगी। यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी होगी। आगामी सम्मेलन पांच अहम क्षेत्रों में ठोस सहयोग पर केंद्रित रहेगा। इनमें सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूरसंचार शामिल हैं।

प्रधानमंत्री साने ताकाइची का लक्ष्य जापान की उन्नत तकनीक और निवेश क्षमता को भारत की विशाल विनिर्माण क्षमता और आईटी क्षेत्र की प्रतिभा से जोड़कर ऐसी औद्योगिक व्यवस्था तैयार करना है, जो विरोधी देशों पर निर्भर आपूर्ति श्रृंखलाओं से मुक्त हो।

भारत के लिए भी ताकाइची की आर्थिक आत्मनिर्भरता और मजबूत रक्षा व्यवस्था पर आधारित सोच काफी अहम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब एशिया में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, ताकाइची यह संकेत दे रही हैं कि शिंजो आबे के बाद जापान सिर्फ सतर्क कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के साथ अधिक मजबूत और व्यावहारिक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाएगा।

जापानी प्रधानमंत्री 1 से 3 जुलाई 2026 तक अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर रहेंगी। दुनिया की नजर इस खास यात्रा पर है, क्योंकि ताकाइची के पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद करीबी संबंध थे। दोनों नेताओं की दोस्ती तब शुरू हुई थी, जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कई बार जापान का दौरा कर चुके थे।

प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी और आबे के बीच व्यक्तिगत संबंध लगातार मजबूत होते गए। 2015 में मोदी आबे को वाराणसी के घाटों पर लेकर गए थे, जहां दोनों ने अनौपचारिक अंदाज में समय बिताया। वहीं 2018 में आबे पहले ऐसे विदेशी नेता बने, जिन्हें मोदी ने जापान के यामानाशी में माउंट फूजी के पास स्थित अपने निजी अवकाश गृह में मेजबानी की थी। भारत के पीएम पिछले साल 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए टोक्यो गए थे।

16वें शिखर सम्मेलन की बात करें तो इसका एक प्रमुख उद्देश्य 'आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा' को आगे बढ़ाना भी है, जिस पर पिछले साल ही हस्ताक्षर किए गए थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का मकसद दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं और सैन्य तैयारियों को मजबूत करना है। इसके लिए दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, साझा अभ्यास और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it