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जयशंकर की बहरीन के उप प्रधानमंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा

मनामा/नई दिल्ली, विदेश मंत्री एस. जयशंकर छह देशों की अहम यात्रा पर हैं। दौरे के तीसरे दिन वह बहरीन के उप प्रधानमंत्री खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मिले।

जयशंकर की बहरीन के उप प्रधानमंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
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मनामा/नई दिल्ली, विदेश मंत्री एस. जयशंकर छह देशों की अहम यात्रा पर हैं। दौरे के तीसरे दिन वह बहरीन के उप प्रधानमंत्री खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मिले। मंगलवार सुबह हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों ने भारत और बहरीन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

एस जयशंकर ने एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा," मंगलवार सुबह बहरीन के उप प्रधानमंत्री महामहिम खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मिलकर खुशी हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।"

उन्होंने आगे लिखा कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-बहरीन संबंधों को और मजबूत करने तथा आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की।

विदेश मंत्री 5 जुलाई को कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, बेल्जियम और अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। दस दिवसीय यात्रा का मकसद इन देशों के साथ अपने रिश्तों को और सुदृढ़ करना है।

विदेश मंत्री की खाड़ी देशों की यात्रा की टाइमिंग काफी अहम है। यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया की राजनीतिक परिस्थितियों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।

यात्रा से पहले खाड़ी देशों की यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी किया। जिसके मुताबिक, "विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इन देशों की यात्रा के दौरान, वे अपने समकक्षों और वहां के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। यात्रा का फोकस इन चार देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर होगा और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।"

इसके बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। फिर वे 14-15 जुलाई को ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ और बेल्जियम में समकक्षों से बातचीत करेंगे।


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