Top
Begin typing your search above and press return to search.

ईरान का कड़ा रुख: राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले- चाहे कुछ भी हो, राष्ट्रीय हित से नहीं हटेंगे पीछे

तेहरान, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बार फिर कहा है कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों और राष्ट्रीय हितों से किसी भी परिस्थिति में "पीछे नहीं हटेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत शासन की सामान्य नीतियों के ढांचे में ही सम्पन्न हुई।

ईरान का कड़ा रुख: राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले- चाहे कुछ भी हो, राष्ट्रीय हित से नहीं हटेंगे पीछे
X

तेहरान, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बार फिर कहा है कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों और राष्ट्रीय हितों से किसी भी परिस्थिति में "पीछे नहीं हटेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत शासन की सामान्य नीतियों के ढांचे में ही सम्पन्न हुई।

समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, उन्होंने कहा कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान लगाए गए “दुश्मनों के थोपे गए” किसी भी मांग को न तो स्वीकार किया है और न ही करेगा।

कॉम स्थित एक मदरसे में विद्वानों के साथ विस्तृत बैठक के दौरान पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि सरकार ने बातचीत के सभी चरणों में सम्मान और मजबूती की स्थिति से ईरानी जनता के अधिकारों को सुरक्षित रखने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का प्रयास किया।

बातचीत की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा, “इस्लामी गणराज्य ईरान किसी भी परिस्थिति में लोगों के अधिकारों, मूलभूत सिद्धांतों और राष्ट्रीय हितों से पीछे नहीं हटेगा। देश की मुख्य निर्भरता सर्वशक्तिमान ईश्वर, जनता और शासन के नेतृत्व पर है।”

उन्होंने आगे कहा, “बातचीत के सभी चरण शासन की सामान्य नीतियों के ढांचे के भीतर हुए, सर्वोच्च नेता (क्रांति के नेता, आयतुल्लाह अली खामेनेई) के साथ पूर्ण और निरंतर समन्वय में, और देश की कानूनी व्यवस्थाओं के दायरे में रहे।”

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मौजूदा सीमाओं और सुरक्षा संबंधी विचारों के बावजूद, समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतिम मसौदे की संबंधित प्राधिकरणों द्वारा विशेषज्ञ और सुरक्षा स्तर पर समीक्षा की गई और उसे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों से मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ।

उन्होंने कुछ गुटों की आलोचना भी की, जो उनके अनुसार वार्ता दल की बदनामी और राष्ट्रीय निर्णयों पर सवाल उठाकर “उपलब्धियों” को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

सोमवार को भी पेजेश्कियन कॉम में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटाए जाने से देश की अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

राष्ट्रपति के अनुसार, "यह कदम स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओययू) के तहत हुए समझौते का हिस्सा है।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it