Top
Begin typing your search above and press return to search.

कुवैत पर ईरान का हमला- सैन्य ठिकाने और बिजली-पानी प्लांट को नुकसान

कुवैत, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। कुवैत के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया क‍ि ईरान के हमलों में कुवैत की सेना के कई जवान घायल हो गए और एक बिजली उत्पादन तथा समुद्री पानी को मीठा बनाने (डीसैलिनेशन) वाले प्लांट को भी नुकसान पहुंचा।

कुवैत पर ईरान का हमला- सैन्य ठिकाने और बिजली-पानी प्लांट को नुकसान
X

कुवैत, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। कुवैत के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया क‍ि ईरान के हमलों में कुवैत की सेना के कई जवान घायल हो गए और एक बिजली उत्पादन तथा समुद्री पानी को मीठा बनाने (डीसैलिनेशन) वाले प्लांट को भी नुकसान पहुंचा।

कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर बताया कि दुश्मन के ड्रोनों ने शुक्रवार सुबह कुवैत सेना से जुड़े कई ठिकानों और कैंपों को निशाना बनाया, ज‍िसमें सेना के कई जवान घायल हुए।

सिन्हुआ के अनुसार, शुक्रवार को कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 'एक्‍स' पर बताया कि ईरानी हमले में देश के एक बिजली उत्पादन और पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट को नुकसान पहुंचा। इससे वहां आग लग गई और प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा।

मंत्रालय ने कहा कि दमकल टीमों ने आग पर काबू पा लिया है। वहीं, तकनीकी टीमें खराब हुए हिस्सों की मरम्मत कर रही हैं ताकि प्लांट को फिर से चालू किया जा सके।

मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि इस 'असाधारण स्थिति' के दौरान बिजली की बचत करें।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि यह कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उसने चेतावनी दी कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकते हैं। साथ ही, कुवैत ने कहा कि उसे अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इलाके में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। हालांकि, जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता (एमओयू) हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों को 60 दिनों को भीतर बातचीत करके अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना था।

स्थानीय मीडिया की जानकारी के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीरिया में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर, कुवैत में अमेरिकी हथियारों के गोदाम और लॉन्चर, तथा ओमान में रडार ठिकानों पर हमले किए।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताब‍िक, आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि ये कार्रवाई ऑपरेशन 'नस्र-2' की 11वीं, 12वीं और 13वीं हमले के दौरान शुरू की गई। बयान के मुताबिक, 11वीं लहर ईरान के ईरानशहर के बंपुर इलाके में मारे गए सैनिकों की याद में की गई। इस दौरान ईरानी बलों ने सीरिया के अल-तनफ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के कमांड सेंटर पर अचानक हमला किया।

आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि जवाबी हमलों की पहली कार्रवाई में कुवैत में अमेरिकी बलों के एक ठिकाने पर मौजूद मिसाइल रक्षा निगरानी रडार, कई अमेरिकी हथियारों के गोदाम, दो 'हिमर्स' लॉन्चर और कई मिसाइलों को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद वहां एक बड़ा आग लग गई।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it