ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नया मोर्चा खुला, सऊदी-हाउती संघर्ष तेज; लाल सागर से होर्मुज तक बढ़ी वैश्विक चिंता
तनाव का नया केंद्र सऊदी अरब और ईरान समर्थित हाउती विद्रोही बन गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हाउती लड़ाकों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद जिजान और यानबू स्थित अरामको की तेल रिफाइनरियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।

तेहरान/रियाद/वॉशिंगटन: करीब दो सप्ताह तक चले सैन्य तनाव के बाद शनिवार को ईरान में अपेक्षाकृत शांति देखने को मिली। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, देश के भीतर किसी नए हवाई हमले की सूचना नहीं मिली। हालांकि, मध्य पूर्व में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इराक के इरबिल स्थित अमेरिकी कौंसुलेट के निकट एक ईरानी ड्रोन को मार गिराए जाने की खबर ने संकेत दिया कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी सैन्य गतिविधियां भले कम हुई हों, लेकिन संघर्ष अब क्षेत्रीय सहयोगियों और प्रॉक्सी समूहों के जरिए नए मोर्चों पर फैलता दिखाई दे रहा है।
सऊदी अरब और हाउती विद्रोहियों के बीच बढ़ा टकराव
तनाव का नया केंद्र सऊदी अरब और ईरान समर्थित हाउती विद्रोही बन गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हाउती लड़ाकों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद जिजान और यानबू स्थित अरामको की तेल रिफाइनरियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हमलों के बाद दोनों स्थानों पर आग लगने की खबरें सामने आईं और सोशल मीडिया पर धुएं के गुबार के कई वीडियो प्रसारित हुए। सऊदी अरब का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कुछ मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया।
पैट्रियट मिसाइलों के भंडार को लेकर अमेरिकी चिंता
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में सैन्य अभियान और विस्तारित होता है, तो क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य वायु रक्षा प्रणालियों का भंडार तेजी से घट सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अत्यधिक संसाधनों के उपयोग से अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। बताया गया है कि अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1,200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका था।
चीन की पहल, पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
क्षेत्रीय तनाव के बीच चीन कूटनीतिक प्रयासों में सक्रिय दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बीजिंग की पहल पर पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई वार्ता को दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा संघर्ष का आर्थिक असर चीन और पाकिस्तान दोनों पर पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से चीन के ऊर्जा आयात पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि सऊदी अरब और हाउती संघर्ष के बढ़ने से पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताएं बढ़ सकती हैं। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग को देखते हुए क्षेत्रीय अस्थिरता इस्लामाबाद के लिए रणनीतिक चुनौती मानी जा रही है।
सऊदी गठबंधन का जवाबी हमला
हाउती हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के होदेइदा बंदरगाह और कामरान द्वीप स्थित हाउती ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। हाउती संगठन के नेता अब्दुल मलिक अल-हाउती पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यदि सऊदी अरब सैन्य अभियान तेज करता है तो उसकी तेल अवसंरचना को निशाना बनाया जाएगा। हाउती समर्थित मीडिया ने दावा किया कि सऊदी हमलों से यमन में दूरसंचार ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
रक्षा और ऊर्जा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यही मार्ग एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच ऊर्जा आपूर्ति और माल परिवहन का महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। जिजान स्थित अरामको रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग चार लाख बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है। यदि इस प्रकार के हमले जारी रहते हैं तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर भी बनी हुई है सतर्कता
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे एक जहाज को कई चेतावनियों के बाद निष्क्रिय किया गया। सेंटकॉम के अनुसार, पिछले 14 दिनों में दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 12 अन्य जहाजों को वापस लौटना पड़ा। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे चार जहाजों को चेतावनी देकर वापस भेजा गया। हालांकि, संबंधित जहाजों की राष्ट्रीयता या अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।
ट्रंप का दावा और परमाणु कार्यक्रम पर नई बहस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौते की इच्छा रखता है, लेकिन उसे परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि हालिया सैन्य अभियानों से ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य पत्रकार नहीं, बल्कि संवेदनशील सूचनाएं लीक करने वाले लोग हैं।
मोजतबा खामेनेई को लेकर रिपोर्टों में नए दावे
इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपने पिता अली खामेनेई की तुलना में अधिक आक्रामक रुख रखते हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि युद्ध से पहले इंटरसेप्ट की गई बातचीत के विश्लेषण के आधार पर यह आकलन सामने आया है।
मध्य पूर्व में अस्थिरता बनी हुई
भले ही ईरान में फिलहाल बमबारी थम गई हो, लेकिन सऊदी अरब, यमन, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती गतिविधियां संकेत देती हैं कि मध्य पूर्व अभी भी गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आने वाले दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।


