Top
Begin typing your search above and press return to search.

आर्थिक बर्बादी के भंवर में फंसा ईरान: अमेरिकी वित्त मंत्री

एशविले, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान आर्थिक रूप से ‘मौत के भंवर’ में फंस गया है।

आर्थिक बर्बादी के भंवर में फंसा ईरान: अमेरिकी वित्त मंत्री
X

एशविले, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान आर्थिक रूप से ‘मौत के भंवर’ में फंस गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव और सैन्य कार्रवाई का असर अंततः ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करेगा।

जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद एशविल में पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण है और उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा क‍ि ईरान का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण नहीं है और वह आर्थिक रूप से गंभीर संकट में है। होर्मुज स्‍ट्रेट पर हमारा नियंत्रण है।

बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी सेना के सीमित हमलों में उन रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया जिन्हें ईरान होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में लगभग 17 मिलियन बैरल कच्चा तेल इस जलमार्ग से होकर गुजरा।

बेसेंट का कहना था कि आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरानी सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और इसी वजह से वह सैन्य कदम उठा रही है। वे घबराए हुए हैं। आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण वे सैन्य कार्रवाई का सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने ईरान में ईंधन की कमी और लंबी कतारों का भी जिक्र किया और कहा कि दुनिया के बड़े ऊर्जा संसाधनों वाले देशों में शामिल होने के बावजूद ईरान कठिनाइयों का सामना कर रहा है।

बेसेंट ने कहा कि ईरानी नेतृत्व पर दबाव तीन में से एक नतीजा दे सकता है: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के भीतर फूट, जनता का विरोध या वाशिंगटन के साथ बातचीत।

उन्होंने कहा क‍ि किसी समय ऐसा होगा जब या तो आईआरजीसी के लोग आपस में बंट जाएंगे या जनता उनके खिलाफ हो जाएगी, या वे बातचीत की मेज पर आकर ऐसा समझौता करना चाहेंगे जिसका पालन किया जा सके।

बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान की डॉलर तक पहुंच सीमित करने और उन वित्तीय रास्तों को रोकने की कोशिश कर रहा है जिनके जरिए ईरान चीनी मुद्रा रेनमिनबी (आरएमबी) में प्राप्त भुगतान को दूसरी मुद्राओं में बदलता है।

उन्होंने कहा क‍ि चीन ईरान को आरएमबी में भुगतान करता है और यह राशि खाड़ी क्षेत्र के वित्तीय नेटवर्क के जरिए वापस आती है।

उनके अनुसार, अमेरिका उन बैंकों, नकद लेनदेन केंद्रों और आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बना रहा है जिनका इस्तेमाल इन पैसों को बदलने या स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले शुक्रवार दुबई के एक बैंक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं बताया।

उन्होंने कहा, "जब यह पैसा डॉलर में नहीं बदला जा सकेगा, तब यह शासन आर्थिक रूप से और कमजोर हो जाएगा।"

बेसेंट ने कहा कि ईरानी मुद्रा के मूल्य में आई तेज गिरावट भी इस बात का संकेत है कि देश की विदेशी मुद्रा तक पहुंच कमजोर पड़ रही है। लगभग 16 महीने पहले जहां एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा की कीमत करीब 8 लाख डॉलर थी, वहीं अब यह गिरकर 2.10 लाख प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गई है। इसका मतलब है कि उन्हें डॉलर तक पहुंच नहीं मिल रही है और वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।"

बेसेंट ने माना कि बढ़ते दबाव के बीच ईरान आगे और सैन्य कार्रवाइयां कर सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंततः आर्थिक हालात ईरानी सरकार को अपने फैसलों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर करेंगे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it