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ट्रंप की धमकियों के कारण ईरान ने लगाया चार-पक्षीय बातचीत में रोक

तेहरान, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अगले चरण की बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इकट्ठा हुए। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिका की धमकियों के बाद ईरान ने स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत में अमेरिका, कतर और पाकिस्तान के साथ चार-पक्षीय बातचीत में अपनी भागीदारी रोक दी है।

ट्रंप की धमकियों के कारण ईरान ने लगाया चार-पक्षीय बातचीत में रोक
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तेहरान, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अगले चरण की बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इकट्ठा हुए। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिका की धमकियों के बाद ईरान ने स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत में अमेरिका, कतर और पाकिस्तान के साथ चार-पक्षीय बातचीत में अपनी भागीदारी रोक दी है।

हालांकि, इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से इस खबर को झूठा बताया गया था। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि चार-पक्षीय बैठक के दौरान अमेरिका के धमकी भरे बयान के कारण तेहरान ने यह घोषणा की कि वह ऐसी परिस्थितियों में बातचीत में भाग लेना जारी नहीं रखेगा।

कतर और पाकिस्तान ने बातचीत जारी रखने की कोशिश की, लेकिन ईरान ने कहा कि वह मीटिंग में हिस्सा नहीं लेगा। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि दूसरे पक्ष को अपने कमिटमेंट पूरे करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, दूसरे पक्ष के भरोसे को तोड़ने, खासकर इजरायल के सीजफायर के लगातार उल्लंघन को लेकर चिंता जताई गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को तेहरान को चेतावनी दी कि "लेबनान में अपने ज्यादा पैसे वाले प्रॉक्सी को तुरंत रोके, नहीं तो अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।" हालांकि, ट्रंप ने जिस वक्त ये बयान दिया, उस समय स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी थी।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, "ईरान को लेबनान में अपने ज्यादा पैसे वाले प्रॉक्सी को परेशानी पैदा करने से तुरंत रोकना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बस और जोरदार!!!"

अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में देर रात तक बातचीत जारी रही। ऐसे में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि चर्चा सक्रिय रही और उन्होंने विश्वास जताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा शुरू की गई वार्ता से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान में नाजुक युद्धविराम पर प्रारंभिक प्रगति हुई है।

अधिकारियों ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत छोड़कर चला गया है। अधिकारी ने कहा, "ये बहुत ही ज्यादा झूठी खबर है। ईरानी प्रतिनिधिमंजल अब भी यहां है और और बातचीत चल रही है। हमें उम्मीद है कि हम रातभर काम करते रहेंगे।"

बातचीत में कई खास मुद्दों पर फोकस किया गया है जो इस हफ्ते की शुरुआत में हुए अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सामने आए हैं।

सीनियर डिप्लोमेट ने कहा, "चर्चा के मुद्दे में स्ट्रेट पर ईरान के कुछ कन्फ्यूजिंग मैसेज को साफ करना और स्ट्रेट को पूरी तरह से खुला रखने के लिए विवाद खत्म करने के लिए मैकेनिज्म तैयार करना शामिल है।"

बातचीत में लेबनान में सुरक्षा की स्थिति पर भी बात हुई, जहां इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच फिर से लड़ाई ने बड़ी क्षेत्रीय डिप्लोमेसी के लिए खतरा पैदा कर दिया है। अमेरिकी डिप्लोमैट ने कहा, "हमने दक्षिणी लेबनान में विवाद खत्म करने के मैकेनिज्म और सीजफायर लागू करने पर भी काम किया है।"


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