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मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी: ईरान

तेहरान, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान और कतर सहित कुछ मध्यस्थ देशों के जरिए ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है।

मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी: ईरान
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तेहरान, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान और कतर सहित कुछ मध्यस्थ देशों के जरिए ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। ईरानी मीडिया ने ऑस्ट्रियाई प्रसारक ओआरएफ को दिए गए उनके इंटरव्यू के हवाले से यह जानकारी दी।

इस्माइल बघाई ने इंटरव्यू में कहा कि किसी भी बातचीत की शुरुआत के लिए पहले "उचित माहौल" तैयार होना चाहिए। उनका कहना था कि अमेरिका ने ऐसा माहौल खुद ही नष्ट कर दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने अमेरिका पर ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन की सभी शर्तों का व्यवहार में उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

प्रवक्ता ने कहा कि इस समय ईरान की प्राथमिकता अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना तथा अपने लोगों को उन युद्ध अपराधों से बचाना है, जो उनके अनुसार अमेरिका द्वारा किए जा रहे हैं।

18 जून को हुए समझौते के तहत अमेरिका और ईरान को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत करनी थी। हालांकि, पिछले दो सप्ताह में दोनों देशों के बीच तनाव और झड़पें बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान, अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है, लेकिन तेहरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में उन्होंने अपनी सरकार की इस नीति को दोहराया।

ट्रंप ने कहा, "वे इस समय हमसे बात कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वे अभी इसके लिए तैयार हैं। अभी सही समय नहीं है। लेकिन मैं उनकी बात सुनने को तैयार हूं।"

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका, ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।"

उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि वॉशिंगटन डीसी, हमारे अन्य शहर, इजरायल या पूरा मध्य पूर्व किसी परमाणु हथियार से तबाह हो जाए।"

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है, हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

उन्होंने कहा, "हमने ईरान को बहुत कड़ा झटका दिया है।" ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं और 250 विमान, 159 नौकाएं, रडार सिस्टम तथा अपनी ड्रोन क्षमता का बड़ा हिस्सा खो दिया है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की नीति का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


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