भारतवंशी कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के एआई मंत्री
लंदन, भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्हें कैबिनेट ऑफिस और डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड में संयुक्त रूप से राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वह अब ब्रिटिश कैबिनेट की बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।

लंदन, भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्हें कैबिनेट ऑफिस और डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड में संयुक्त रूप से राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वह अब ब्रिटिश कैबिनेट की बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक्स अकाउंट के जरिए इसकी जानकारी दी गई। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने बिहार नारायण को कैबिनेट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। यह नियुक्ति सरकार की एआई नीति और इस तकनीक के महत्व को लेकर उसकी प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
नियुक्ति के बाद कनिष्क नारायण ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर कहा कि एआई मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक हो सकती है और इसका प्रभाव अन्य सभी तकनीकी बदलावों से कहीं अधिक व्यापक होगा।
उन्होंने कहा, "एआई का सकारात्मक प्रभाव बेहद व्यापक हो सकता है, जिसमें ब्रिटेन का पुनः औद्योगिकीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती और सार्वजनिक सेवाओं में बड़ा बदलाव शामिल है।"
हालांकि, उन्होंने एआई से जुड़े जोखिमों को भी स्वीकार किया। नारायण ने कहा कि नौकरियों, बदलाव की गति और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर ब्रिटिश जनता की चिंताएं स्वाभाविक हैं।
उन्होंने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि एआई का विकास हो रहा है। देशों के पास एक सीमित समय है यह तय करने के लिए कि वे एआई को आकार देंगे या फिर एआई उन्हें आकार देगा। ब्रिटेन इस समय इसी निर्णायक दौर में है।"
नारायण ने कहा कि वह अपनी नई जिम्मेदारी में तेजी, महत्वाकांक्षा और स्पष्ट लक्ष्य के साथ काम करेंगे तथा एआई के विकास और वैश्विक नीति निर्माण में ब्रिटेन की भूमिका को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
उन्होंने अपनी नियुक्ति को वेल्स के लोगों से भी जोड़ा, जहां से वह सांसद चुने गए हैं। नारायण ने कहा कि वेल्स एक ऐसी जगह है जिसके पास उद्योग, महत्वाकांक्षा और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का गौरवपूर्ण इतिहास है।
उन्होंने वेल्स के वेल ऑफ ग्लैमरगन क्षेत्र के लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इसी क्षेत्र ने उनके परिवार को अवसर दिया और उन्हें ब्रिटेन की संसद में पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वेल्स ने उन्हें देश के पहले जातीय अल्पसंख्यक सांसदों में से एक बनने और अब कैबिनेट में योगदान देने का अवसर दिया।
कनिष्क नारायण का जन्म बिहार में हुआ था। वह 12 वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ कार्डिफ, वेल्स, चले गए। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा कैथेज हाई स्कूल से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री प्राप्त की।
इससे पहले सितंबर 2025 में तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सरकार में भी उन्हें एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री नियुक्त किया गया था।


