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दक्षिणी सूडान में यूएन मिशन के शांति सैनिकों पर हमला, भारत ने कड़े शब्दों में की निंदा

न्यूयॉर्क, भारत ने दक्षिण सूडान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने कहा कि 24 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) के साथ तैनात ब्लू हेलमेट्स पर हमला निंदनीय है।

दक्षिणी सूडान में यूएन मिशन के शांति सैनिकों पर हमला, भारत ने कड़े शब्दों में की निंदा
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न्यूयॉर्क, भारत ने दक्षिण सूडान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने कहा कि 24 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) के साथ तैनात ब्लू हेलमेट्स पर हमला निंदनीय है।

मिशन ने हमले में शहीद हुए इथियोपिया के जवान को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि संयुक्त राष्ट्र के परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा का सम्मान बेहद जरूरी है। सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा परिषद के आदेश पर काम कर रहे शांतिरक्षकों की जान को कोई खतरा न हो।

इसके साथ ही भारत ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का हवाला देते हुए कहा कि शांतिरक्षकों के खिलाफ अपराधों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। भारत ने हमले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। यूएनएमआईएसएस ने भी कहा कि ब्लू हेलमेट्स पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने जोंगली राज्य में पाजुट जा रहे अपने गश्ती दल पर अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के खिलाफ हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून भी शामिल है, के तहत युद्ध अपराध हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र मिशन ने घटना के संबंध में बयान जारी कर कहा, "हमले में दो शांतिरक्षक मारे गए, जबकि सात अन्य घायल हो गए, जिनमें तीन शांतिरक्षक, दो दक्षिण सूडान राष्ट्रीय पुलिस सेवा के कर्मी और दो असैन्य कर्मचारी शामिल हैं।"

बयान में कहा गया कि मिशन ने क्षेत्र को सुरक्षित करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया में सहायता के लिए एक क्विक रिएक्शन फोर्स तैनात की। यूएनएमआईएसएस प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि अनीता किकी गबेहो ने कहा, "दक्षिण सूडान में शांति का समर्थन करने के लिए सेवा दे रहे संयुक्त राष्ट्र मिशन कर्मियों को निशाना बनाकर की गई इस तरह की घातक हिंसा अस्वीकार्य है। मैं अपनी जान गंवाने वाले शांतिरक्षकों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।"


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