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युद्ध लंबा खींचा तो अमेरिका को होगा भारी नुकसान, राष्ट्रपति पहले ही हार चुके हैं :डेमोक्रेटिक सीनेटर

नई द‍िल्‍ली, ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने अमेरिका के अंदरूनी हाल पर च‍िंता जताई। उन्‍होंने कहा अमेरिकी राष्ट्रपति 'यह युद्ध हार चुके हैं' और यह युद्ध ज‍ितना लंबा चलेगा, उतना ही अमेरिका को नुकसान होगा।

युद्ध लंबा खींचा तो अमेरिका को होगा भारी नुकसान, राष्ट्रपति पहले ही हार चुके हैं :डेमोक्रेटिक सीनेटर
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नई द‍िल्‍ली, ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने अमेरिका के अंदरूनी हाल पर च‍िंता जताई। उन्‍होंने कहा अमेरिकी राष्ट्रपति 'यह युद्ध हार चुके हैं' और यह युद्ध ज‍ितना लंबा चलेगा, उतना ही अमेरिका को नुकसान होगा।

ईरान की एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्‍यूज की र‍िपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी का कहना है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिकी राष्ट्रपति 'यह युद्ध हार चुके हैं।' उनका मानना है कि लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, उतना ही अमेरिका कमजोर होगा और ईरान मजबूत होता जाएगा।

मेहर न्‍यूज की र‍िपोर्ट के अनुसार, मर्फी ने एनबीसी न्‍यूज से बातचीत में कहा कि वह युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्‍ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए किसी 'खराब समझौते' का भी समर्थन करेंगे। बातचीत में कोई प्रगति नहीं हो रही है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है।

मर्फी ने युद्ध खत्म करने पर जोर देते हुए कहा क‍ि युद्ध जारी रहने से अमेरिका हर द‍िन कमजोर हो रहा है और ईरान मजबूत हो रहा है। उन्‍होंने कहा क‍ि अमेरिका में रहने वाले लोगों पर इसका बोझ बढ़ रहा है। कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम लोग इसकी मार झेल रहे हैं।

मेहर न्‍यूज की र‍िपोर्ट के अनुसार, सीनेटर ने युद्ध के व‍िरोध की बात की। उन्‍होंने कहा कि वह युद्ध को जारी रखने के लिए अतिरिक्त फंडिंग का विरोध करेंगे। हालांकि, संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिकी हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को फिर से भरने के लिए समर्थन देंगे।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक वॉशिंगटन तेहरान की मांगें नहीं मानता, तब तक होर्मुज स्‍ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा। अराघची ने कहा कि ईरान की मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना भी शामिल है।

अराघची ने रविवार को कहा कि जब तक अमेरिका दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उल्लंघन को बंद नहीं करता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू नहीं हो सकती। तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अराघची ने जोर देकर कहा कि इस समय दोनों देशों के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही है।


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