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हूती विद्रोहियों का दावा: जहाजों ने समुद्री पाबंदियों का किया उल्लंघन

सना (यमन), यमन के हूती समूह ने गुरुवार को कहा कि उसने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर एक मिलिट्री ऑपरेशन किया है। हूती ने दावा किया कि इन जहाजों ने समूह की हाल ही में घोषित समुद्री पाबंदियों का उल्लंघन किया है।

हूती विद्रोहियों का दावा: जहाजों ने समुद्री पाबंदियों का किया उल्लंघन
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सना (यमन), यमन के हूती समूह ने गुरुवार को कहा कि उसने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर एक मिलिट्री ऑपरेशन किया है। हूती ने दावा किया कि इन जहाजों ने समूह की हाल ही में घोषित समुद्री पाबंदियों का उल्लंघन किया है।

समूह के अल-मसीरा टेलीविजन पर दिखाए गए एक बयान में, हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरेआ ने कहा कि हूती सेना ने ईएनसीईएलआईए और एलएवाईएलए नाम के टैंकरों को बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का इस्तेमाल करके निशाना बनाया।

सरेआ ने कहा कि इन जहाजों को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि उन्होंने सऊदी पोर्ट पर आने वाले जहाजों पर हूती की सेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन किया था। उन्होंने दावा किया कि हमलों से दोनों टैंकरों में आग लग गई और उन्होंने अपने मकसद को कामयाबी से हासिल कर लिया।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, बयान में घटना की जगह के बारे में जानकारी नहीं दी गई और न ही हमले में हुए नुकसान का सबूत दिया गया और यह भी नहीं बताया गया कि कोई हताहत हुआ है या नहीं।

इन दावों को अलग से वेरिफाई नहीं किया जा सका और सऊदी अधिकारियों की तरफ से भी इस हमले को लेकर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई है।

इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने कहा कि उसे सऊदी अरब के अल शुकाइक से लगभग 70 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में एक टैंकर से जुड़ी घटना की रिपोर्ट मिली है।

ब्रिटेन के यूकेएमटीओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक चेतावनी में कहा कि संबंधित जहाज के कप्तान ने बताया है कि जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (गोला/मिसाइल जैसी वस्तु) से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। चालक दल आग बुझाने की कोशिश कर रहा था।

हूती विद्रोहियों ने दो दिन पहले ही सऊदी अरब के बंदरगाहों के साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर समुद्री प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके बाद ही नए हमले हुए। यह दावा ऐसे समय आया है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।

हूती समूह ने कहा कि यह कदम सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लगातार बंद रखने के जवाब में उठाया गया है। उनका आरोप है कि सऊदी अरब, हूती नियंत्रित क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन कर रहा है।

गाजा युद्ध के दौरान हूती पहले भी इजरायल और अमेरिका से जुड़े होने का आरोप लगाकर कई जहाजों पर मिसाइलों, ड्रोन और नौसैनिक हथियारों से हमले कर चुके हैं। इन हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों का मार्ग लाल सागर से हटाना पड़ा, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।

होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे झगड़े के बीच, इस नए डेवलपमेंट से इस इलाके में कमर्शियल नेविगेशन के लिए खतरा और बढ़ सकता है।

यमन 2014 के आखिर से संघर्ष में फंसा हुआ है, जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के ज्यादातर हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन सरकार के सपोर्ट में दखल दिया था। इस नए डेवलपमेंट ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि 2022 में यूएन के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद से जो तनाव कम हुआ था, वह खत्म हो सकता है।


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