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होर्मुज स्ट्रेट में फिर भड़का तनाव, ईरानी मिसाइलों ने दो कारोबारी जहाजों को बनाया निशाना

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि दोनों कारोबारी जहाजों पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों जहाजों पर सवार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

होर्मुज स्ट्रेट में फिर भड़का तनाव, ईरानी मिसाइलों ने दो कारोबारी जहाजों को बनाया निशाना
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वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने इस जलमार्ग से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज क्षेत्र में हमलों को रोकने के लिए लागू एक सप्ताह का अस्थायी समझौता समाप्त हो चुका है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने लगाया हमला करने का आरोप

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि दोनों कारोबारी जहाजों पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों जहाजों पर सवार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच कुछ सप्ताह पहले हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी सवाल खड़े करती है और इससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ सकता है।

UKMTO ने जारी की घटना की जानकारी

ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे सोमवार को एक रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें ओमान के तट के निकट दक्षिण दिशा में जा रहे एक तेल टैंकर पर किसी अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की जानकारी दी गई। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। फिलहाल जहाज की क्षति का आकलन किया जा रहा है, जबकि संबंधित समुद्री एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।

कतर के LNG टैंकर का नाम भी सामने आया

घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि हमले का शिकार हुए जहाजों में कतर का एलएनजी टैंकर 'अल रेकय्यात' (Al Rekayyat) भी शामिल हो सकता है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार यह जहाज कतर की प्रमुख एलएनजी शिपिंग कंपनी नाकिलात (Nakilat) का है। हालांकि संबंधित कंपनी या कतर सरकार की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग में चेतावनी का दावा

रिपोर्ट में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े लोगों की आवाज होने का दावा किया गया है। कथित रिकॉर्डिंग में जहाजों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि मिसाइल और ड्रोन हमले के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अल रेकय्यात जहाज के इंजन रूम के ऊपर बाईं ओर मिसाइल लगने से आग और धुआं उठने लगा। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद बढ़ी चिंता

हमले से कुछ दिन पहले कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया। अब ताजा घटनाक्रम के बाद इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने और कूटनीतिक प्रयासों के कमजोर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों की ऊर्जा सुरक्षा पर भी दिखाई दे सकता है।


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