वेनेजुएला में ताबड़तोड़ हमले के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित, मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में
वेनेजुएला में शनिवार को ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में हैं

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पत्नी समेत हिरासत में लिया, हमले के बाद नेशनल इमरजेंसी घोषित
वॉशिंगटन। वेनेजुएला में शनिवार को ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा हमला किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है।"
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने कहा, "बोलिवेरियन देश की नेशनल आर्म्ड फोर्स पूरी दुनिया को बताती है कि आज 3 जनवरी की सुबह-सुबह वेनेजुएला देश को यूनाइटेड स्टेट्स सरकार के सबसे आपराधिक सैन्य हमले का निशाना बनाया गया है।" हमले के बाद वेनेजुएला में नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है।
दरअसल, यह पूरा मामला ड्रग्स की तस्करी से जुड़ा हुआ है। अमेरिका ने लगातार वेनेजुएला को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कैरेबियन सागर में अमेरिका की तरफ से कार्रवाई भी की गई। वहीं दबाव बढ़ाने के लिए हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों और उनसे जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाया था।
अमेरिका लगातार आरोप लगाता रहा है कि वेनेजुएला की तरफ से भारी पैमाने पर यूएस के अंदर ड्रग्स भेजे जा रहे हैं। ट्रंप सरकार ने सीधा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर भी आरोप लगाए थे।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने अमेरिका में राष्ट्रपति मादुरो और उनके परिवार की सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। वहीं अमेरिका पर लंबे समय से वेनेजुएला की राजनीति में दखल देने और प्रभावित करने के आरोप भी लगते रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच इस तनाव का एक बड़ा कारण तेल भी है। दरअसल, 1976 में वेनेजुएला सरकार ने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया था, जिसके बाद विदेशी तेल कंपनियों के सभी तरह के ऑपरेशन वहां की सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डी वेनेजुएला (पीडीवीएसए) के तहत आ गए थे।
वेनेजुएला सरकार के इस कदम की वजह से अमेरिका की परेशानी बढ़ गई। अमेरिका के लिए वेनेजुएला से तेल निकालने की प्रक्रिया काफी मुश्किल वाली हो गई। यह भी एक कारण है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से तनाव है।


