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जापान में भूकंप से तबाही: 13 की मौत, 170 से अधिक झटकों के बाद हाई अलर्ट

टोक्यो, जापान के क्यूशू में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद बुधवार सुबह 11 बजे तक 170 से अधिक आफ्टरशॉक (भूकंप के झटके) दर्ज किए गए। इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल हैं। भूकंप से पुल ढह गए, कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं।

जापान में भूकंप से तबाही: 13 की मौत, 170 से अधिक झटकों के बाद हाई अलर्ट
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टोक्यो, जापान के क्यूशू में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद बुधवार सुबह 11 बजे तक 170 से अधिक आफ्टरशॉक (भूकंप के झटके) दर्ज किए गए। इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल हैं। भूकंप से पुल ढह गए, कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने लोगों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की चेतावनी दी है। जापान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार, एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अगले दो से तीन दिन विशेष रूप से संवेदनशील हैं और इस दौरान जापान की भूकंपीय तीव्रता मापने वाली शिंदो स्केल पर अधिकतम 7 तीव्रता तक के और भूकंप आ सकते हैं।

विशेषज्ञों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोगों से भीषण गर्मी के बीच नियमित अंतराल पर आराम करने की अपील की है, ताकि हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

मंगलवार शाम 4:27 बजे कुमामोतो प्रांत में आए इस भूकंप की तीव्रता शिंदो स्केल पर 7 दर्ज की गई, जो इस पैमाने का सर्वोच्च स्तर है। इससे पहले इतनी तीव्रता का भूकंप 1 जनवरी 2024 को नोटो प्रायद्वीप में आया था।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बताया कि अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कुछ ऐसी मौतें भी शामिल हैं, जिन्हें भूकंप से जुड़ी परिस्थितियों का परिणाम माना जा रहा है।

हालांकि, बुधवार सुबह 9:30 बजे तक कुमामोतो प्रांत के अधिकारियों ने तीन लोगों की मौत, पांच लोगों के कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट (हृदय और श्वसन क्रिया बंद होने की स्थिति) में होने तथा 31 लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी।

भूकंप के दौरान एईओएन मॉल कुमामोतो की दूसरी मंजिल ढह गई, जिसके बाद पूरी रात बचाव अभियान चलाया गया। बाद में मलबे से 20 वर्ष की आयु की दो महिलाओं के शव बरामद किए गए। एक अन्य व्यक्ति कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट की स्थिति में है, जबकि बचाए गए अन्य लोगों की चोटें गंभीर नहीं हैं।

एनएचके के अनुसार, कुमामोतो प्रांत वर्ष 2016 में भी विनाशकारी भूकंपों की श्रृंखला का केंद्र रहा था। 14 अप्रैल 2016 को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके लगभग 28 घंटे बाद 16 अप्रैल को 7.3 तीव्रता का मुख्य भूकंप आया था। इन दोनों भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई थी।

बाद में जापान की सरकारी अर्थक्वेक रिसर्च कमेटी ने अनुमान लगाया था कि हिनागु फॉल्ट जोन के दक्षिणी हिस्से में अगले 30 वर्षों के भीतर 7 तीव्रता का भूकंप आने की आशंका सबसे अधिक है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने कहा है कि मंगलवार के भूकंप का केंद्र उसी फॉल्ट जोन के निकट था, लेकिन फिलहाल यह पुष्टि करना संभव नहीं है कि क्या 2016 में सक्रिय रहे उसी फॉल्ट ने फिर से गतिविधि शुरू की है।


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