Top
Begin typing your search above and press return to search.

अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए आम लोग

काबुल, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के पक्तिका, पक्तिया और कुनार प्रांतों के रिहायशी इलाकों में हवाई हमले किए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए आम लोग
X

काबुल, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के पक्तिका, पक्तिया और कुनार प्रांतों के रिहायशी इलाकों में हवाई हमले किए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

मुजाहिद ने इस कार्रवाई को "कायरतापूर्ण आक्रामण" करार देते हुए कहा कि यह हमला रविवार रात पक्तिका के गयान जिले, पक्तिया के त्सामकानी जिले और कुनार के मानोगाई जिले में किया गया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में मुजाहिद ने कहा, "पिछली रात पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के गयान जिले, पक्तिया प्रांत के त्सामकानी जिले और कुनार प्रांत के मानोगाई जिले के नागरिक इलाकों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए और घायल हुए। हम इस कायर आक्रमण की कड़ी निंदा करते हैं और इसे अपराध तथा क्रूरता मानते हैं।"

पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं और नागरिक हताहतों को लेकर चिंता बढ़ी है।

इस बीच, अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व राजदूत जल्मय खलीलजाद ने भी इस हमले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अपने ही नागरिकों की बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपीलों को नजरअंदाज करते हुए सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना, जिसमें कई निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "दुनिया भर और पाकिस्तान के कई लोगों द्वारा बातचीत के जरिए पड़ोसी देश के साथ मतभेद सुलझाने की अपीलों को नजरअंदाज करते हुए पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर हमला किया है, जिससे कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। मैंने हमेशा निर्दोष अफगानों की हत्या की निंदा की है और आज भी करता हूं। साथ ही यह भी उल्लेख करता हूं कि इस्लामाबाद ने उन कई प्रस्तावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिन पर तालिबान सरकार ने सहमति जताई थी।"

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस्लामाबाद वास्तव में किसी समाधान में रुचि रखता है। पूछा, "अब जबकि पाकिस्तान की ओर से किसी भी रचनात्मक प्रयास या प्रतिक्रिया का पूरी तरह अभाव है, यह पूछना जरूरी हो गया है कि क्या इस्लामाबाद वास्तव में कोई समाधान चाहता भी है?"

खलीलजाद ने आगे कहा, "क्या यह संघर्ष वास्तव में उन्हीं कारणों से है जिनका पाकिस्तान दावा करता है, या फिर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के कुछ अन्य उद्देश्य हैं? क्या वह अफगानिस्तान को अस्थिर रखना चाहता है? क्या चीन पाकिस्तान को ऐसी परिस्थितियां बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जिससे अफगानिस्तान में चीनी प्रभाव बढ़ सके? या फिर दोनों ही बातें सही हैं?"

उनके अनुसार, यदि पाकिस्तान की रणनीति के पीछे वास्तव में ऐसे उद्देश्य हैं, तो यह अमेरिका के हितों के भी खिलाफ होगा। इससे अफगानिस्तान में अस्थिरता बढ़ेगी, जिससे आईएसआईएस-के जैसे अमेरिका-विरोधी आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित ठिकाने मिल सकते हैं और चीन का प्रभाव भी बढ़ सकता है। वो बोले, "यदि यही पाकिस्तान के वास्तविक उद्देश्य हैं, तो यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान उन्हें सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता।"

इससे पहले इसी महीने अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब कर अफगान हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और आवासीय इलाकों पर किए गए हवाई हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इन हमलों में 13 नागरिकों की मौत हुई थी।

यह कदम तब उठाया गया जब तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने पुष्टि की थी कि 9 जून की रात कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी, जबकि 14 महिलाएं और बच्चे घायल हुए थे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it