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सैन्य ठिकानों पर किया हमला, तेहरान ने बताया- समझौता तोड़ा

नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा मामले में होर्मुज स्ट्रेट में हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान एक बार फिर से चेतावनी दी।

सैन्य ठिकानों पर किया हमला, तेहरान ने बताया- समझौता तोड़ा
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नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा मामले में होर्मुज स्ट्रेट में हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान एक बार फिर से चेतावनी दी।

इस बीच भारत में ईरानी दूतावास ने विदेश मंत्रालय का बयान साझा किया, जिसमें कहा गया, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय रविवार सुबह अमेरिका की आतंकवादी सेना द्वारा देश के दक्षिणी समुद्र तट पर मौजूद कई मॉनिटरिंग और सर्विलांस सुविधाओं पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है।"

बयान में आगे कहा गया, "ये बर्बर हमले संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का खुला उल्लंघन हैं। साथ ही 18 जून को थोपे गए युद्ध की समाप्ति पर समझौता ज्ञापन के पैराग्राफ एक का भी स्पष्ट उल्लंघन हैं। इस तरह की कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि अमेरिकी प्रशासन अपनी प्रतिबद्धताओं को न तो गंभीरता से लेता है और न ही उन्हें विश्वसनीय मानता है और समझौतों का उल्लंघन इस शासन की एक अंतर्निहित विशेषता है।"

ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और यूएन महासचिव की जिम्मेदारियों को याद करते हुए इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 के अनुसार, अमेरिकी सेना के हमले के खिलाफ ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के अपने पक्के इरादे को फिर से सुनिश्चित करता है।

इससे पहले टूथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जगहों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर भी हमला किया था। अमेरिका के एयरक्राफ्ट ने सीजफायर समझौते को तोड़ने के लिए ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जगहों और कोस्टल रडार साइट्स पर फिर से हमला किया। बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे।"

उन्होंने कहा, "एक समय ऐसा आ सकता है, जब हम समझदारी से काम नहीं ले पाएंगे और हमें उस काम को मिलिट्री से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसे हमने बहुत कामयाबी से शुरू किया था। अगर ऐसा होता है तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान नहीं रहेगा।"

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि एमवी एवर लवली पर हमले के जवाब में शुक्रवार को अमेरिका के हमलों के बाद ईरान को सीजफायर करने का मौका दिया गया था।

कमांड ने कहा कि शुक्रवार को अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया था। हालांकि उसका दावा है कि ईरान ने इस समझौते का सम्मान नहीं किया और उसकी सेना ने आज सुबह भारतीय समयानुसार 4:30 बजे (ईटी) एम/टी किकू को निशाना बनाते हुए एकतरफा हमला करने वाला ड्रोन लॉन्च किया। यह पनामा के झंडे वाला एक ऑयल टैंकर है, जो हमले के वक्त होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था। इस हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया ।


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