सशस्त्र बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर किया सुनियोजित हमला
क्वेटा, बलूचिस्तान के कई जिलों में सशस्त्र बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार हमले किए।

क्वेटा, बलूचिस्तान के कई जिलों में सशस्त्र बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार हमले किए, जिनमें कई सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, लड़ाकों ने चागई जिले के नोकचाह इलाके में मिनरल ले जा रहे वाहनों के काफिले पर गोलीबारी की। इसके बाद कई वाहनों पर कब्जा कर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया।
बताया गया कि यह घटनाक्रम बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा घोषित तथाकथित "आर्थिक नाकेबंदी" के बीच हुआ। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोषणा के बाद बीएलए ने बलूचिस्तान के प्रमुख राजमार्गों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और अब तक 200 से अधिक वाहनों को आग के हवाले किए जाने की खबर है।
एक अन्य घटना में नोश्की जा रहे पाकिस्तानी सेना के एक बड़े काफिले पर एन-40 राजमार्ग पर किली बट्टो इलाके के पास हमला किया गया। काफिले में बुलेटप्रूफ वाहन शामिल थे और उसके साथ पुलिस बल भी मौजूद था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कई जवान मारे गए, हालांकि मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। डिप्टी कमिश्नर की सुरक्षा में लगी एक पुलिस गाड़ी भी हमले की चपेट में आई, लेकिन अधिकारी के सुरक्षित बच निकलने की सूचना है।
यह हमला कुछ दिन पहले नोश्की के पास सेना के एक अन्य काफिले पर हुए हमले के बाद हुआ है, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत और तीन अन्य के घायल होने की खबर थी।
इसके अलावा, हर्नाई जिले के जिंदा पीर इलाके में सशस्त्र लड़ाकों ने राजमार्ग को अवरुद्ध कर गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली और कई घंटों तक इलाके में मौजूद रहे। बाद में उन्होंने विस्फोटकों से डेलकोना लेवीज स्टेशन और पान घर क्षेत्र में एक दूरसंचार टावर को उड़ा दिया।
कोहलू जिले के हसरी इलाके में आतंकवाद निरोधक बल (एटीएफ) के जवानों पर भी हमला किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में सुरक्षाबलों के हताहत होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
वहीं खारान जिले के ताजीना इलाके में चल रहे एक अभियान के दौरान सशस्त्र लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर मोर्टार से हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में भी सुरक्षाबलों को नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद वे पीछे हट गए।
हालांकि, इन सभी हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है।
इससे पहले सप्ताह में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के खड़कूचा इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। संगठन ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में 45 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने एक बयान में कहा था कि यह हमला संगठन की "फतह स्क्वाड" इकाई ने अंजाम दिया और इसे "समन्वित तथा तीव्र कार्रवाई" बताया। उनके अनुसार, लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के जवानों, उनकी सुरक्षा टीम और बाद में मौके पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को ले जा रहे बसों के काफिले को निशाना बनाया।


