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आपरेशन वेनेजुएला और मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिकी संसद में घमासान, रिपब्लिकन-डेमोक्रेट आमने-सामने
डेमोक्रेट नेताओं का मुख्य आरोप है कि इस सैन्य अभियान में अमेरिकी संविधान और कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि किसी भी विदेशी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

वॉशिंगटन। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के उद्देश्य से की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने अमेरिका के भीतर ही बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस कदम को लेकर कैपिटल हिल पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन आमने-सामने आ गए हैं। जहां रिपब्लिकन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सख्त विदेश नीति की जीत बता रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स इसे असंवैधानिक करार देते हुए अमेरिका को एक नए और खतरनाक संघर्ष में झोंकने की चेतावनी दे रहे हैं।
डेमोक्रेट्स का आरोप: कांग्रेस को किया गया दरकिनार
डेमोक्रेट नेताओं का मुख्य आरोप है कि इस सैन्य अभियान में अमेरिकी संविधान और कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि किसी भी विदेशी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य जिम हाइम्स ने कहा कि सैन्य बल का प्रयोग करने से पहले कांग्रेस को विश्वास में लेना अनिवार्य था। उनके अनुसार, संबंधित संसदीय समितियों को कार्रवाई के बाद ही सूचना दी गई, जो गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करता है।
सांसदों को गुमराह किया गया
न्यू जर्सी से डेमोक्रेट सीनेटर एंडी किम ने ट्रंप प्रशासन पर सांसदों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई न तो मजबूत विदेश नीति का उदाहरण है और न ही इससे अमेरिका की वैश्विक साख को फायदा होगा। किम के मुताबिक, प्रशासन ने जोखिमों और संभावित परिणामों को लेकर कांग्रेस के साथ ईमानदारी नहीं बरती।
इसी कड़ी में एरिज़ोना के सीनेटर रुबेन गैलेगो ने इस अभियान को “अवैध युद्ध” करार दिया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप अमेरिका को एक अनावश्यक युद्ध की ओर ले जा सकता है, जिसके दूरगामी और गंभीर परिणाम होंगे।
रिपब्लिकन का पलटवार: सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
डेमोक्रेट्स के आरोपों के उलट रिपब्लिकन नेताओं ने इस कार्रवाई का जोरदार बचाव किया है। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिका और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी था। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष टाम काटन ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील अभियानों में गोपनीयता बेहद जरूरी होती है, ताकि जानकारी लीक न हो और मिशन खतरे में न पड़े। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी की तुलना अमेरिका में अपराधियों की गिरफ्तारी से करते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, चाहे वे किसी भी देश के हों।
ट्रंप प्रशासन की बड़ी जीत
हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट और प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस अभियान को ट्रंप प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि मादुरो जैसे नेता के खिलाफ सख्त कदम उठाकर अमेरिका ने यह संदेश दिया है कि वह तानाशाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। रिपब्लिकन नेताओं के अनुसार, इस कार्रवाई से न केवल अमेरिका की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि लैटिन अमेरिका में स्थिरता लाने में भी मदद मिलेगी।
संवैधानिक बहस और आगे की राजनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल मादुरो या वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा। इससे राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों और कांग्रेस की भूमिका को लेकर पुरानी संवैधानिक बहस फिर तेज हो गई है। डेमोक्रेट्स संकेत दे रहे हैं कि वे इस मुद्दे पर सुनवाई और संभावित कानूनी कदम उठा सकते हैं। वहीं, रिपब्लिकन इस कार्रवाई को आगामी चुनावी राजनीति में ट्रंप की “मजबूत नेता” वाली छवि के रूप में पेश करने की तैयारी में हैं।
अमेरिका के लिए नया मोड़?
मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर की गई यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका की विदेश नीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। सवाल यह है कि क्या यह कदम अमेरिका की ताकत का प्रदर्शन माना जाएगा या फिर इसे एक और विवादित हस्तक्षेप के रूप में याद किया जाएगा। फिलहाल, वॉशिंगटन में सियासी घमासान तेज है और इसका असर आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति और विदेश नीति दोनों पर साफ दिखाई देगा।
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