अंतरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस, जानें इतिहास और उद्देश्य
नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस (गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस) हर साल 17 अक्टूबर को मनाया जाता है।

नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस (गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस) हर साल 17 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद दुनिया भर में खासकर विकासशील देशों से गरीबी को समाप्त करना और गरीबों के अधिकारों व संघर्षों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाने की शुरुआत 17 अक्टूबर 1987 को हुई थी। इस दिन पेरिस के ट्रोकाडेरो में एक लाख से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी, हिंसा और भुखमरी के शिकार लोगों को सम्मान देने के लिए इकट्ठा हुए थे और वर्ष 1948 में की गई मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के तहत अत्यधिक गरीबी, हिंसा और भूख से परेशान लोगों के लिए एक साथ आवाज उठाई थी।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय आंदोलन एटीडी फोर्थ वर्ल्ड के संस्थापक जोसेफ व्रेसिंस्की द्वारा एक स्मारक पत्थर का अनावरण किया गया था। व्रेसिंस्की की मृत्यु के चार साल बाद 22 दिसंबर 1992 को अपनाए गए प्रस्ताव 47/196 के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 अक्टूबर को 'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' के रूप में घोषित किया। तब से हर साल 17 अक्टूबर को अलग-अलग पृष्ठभूमि, मान्यताओं और सामाजिक परिवेश के लोग एक साथ आते हैं, ताकि वे अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा सकें और गरीबों के प्रति एकजुटता दिखा सकें।
गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस निर्धन लोगों के प्रयासों और संघर्षों को स्वीकार करने का एक अवसर है, उन्हें अपनी चिंताओं को व्यक्त करने का मौका देता है और यह पहचानने का क्षण है कि गरीबी के खिलाफ लड़ाई में गरीब लोग सबसे आगे हैं।
गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस को उसके मूल सिद्धांतों के अनुरूप बढ़ावा देने के लिए 2008 में 17 अक्टूबर के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति की स्थापना की गई थी। समिति में अत्यधिक गरीबी का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले लोग और गरीबी के खिलाफ लड़ाई में लगे मानवाधिकार रक्षक शामिल हैं। प्रत्येक वर्ष, अंतरराष्ट्रीय समिति गरीबी पर काबू पाने के मंच के माध्यम से एक परामर्श प्रक्रिया में भाग लेती है, ताकि गरीबी का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले लोगों से सुझाव लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 17 अक्टूबर के वार्षिक आयोजन के लिए एक विषय का चयन किया जा सके।


