इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा वित्तीय बजट का आधा हिस्सा
सरकार की मंशा के अनुरूप इस बार का प्राधिकरण का बजट विकास के नाम रहेगा

नोएडा। सरकार की मंशा के अनुरूप इस बार का प्राधिकरण का बजट विकास के नाम रहेगा। प्राधिकरण के कुल बजट का लगभग आधा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा। इसकी एक वजह शहर में बढ़ता यातायात दबाव है।
इसको ध्यान में रखकर गठित समिति ने शहर में छह अंडरपास व तीन एलिवेटड रोड का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इसके अलावा साफ-सफाई व कचरे के निस्तारण को लेकर भी एक बड़ा बजट तैयार किया जा रहा है। मंत्रणा जारी है जल्द ही वित्तीय बजट को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
बताते चले कि गत वित्तीय वर्ष प्राधिकरण का बजट आठ हजार करोड़ रुपए था। ऐसे में इस बार का वित्तीय बजट 8 हजार करोड़ रुपए के आसपास रहेगा। इस बार यह बजट तीन मुख्य बिंदुओं को केंद्रित कर बनाया जा रहा है। पहला शहर में साफ -सफाई, कचरा प्रबंधन व निस्तारण दूसरा दीर्घ कालीन योजनाओं जिसमें अंडरपास व एलिवेटड के साथ मुख्य सड़के शामिल है। वहीं, तीसरा बिंदु सड़को की मरम्मत का कार्य है।
बताते चले कि मुख्यमंत्री की मंशा भी इन तीन बिंदुओं पर ही टिकी है। साथ ही बेहतर निवेश के लिए यह विकल्प प्राधिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। गौर करे तो अंडरपास व एलिवेटड रोड के लिए प्राधिकरण 800 करोड रुपए खर्च कर सकता है। इसके अलावा साफ-सफाई व सड़कों की मरम्मत के लिए 300 से 500 करोड़ रुपए का बजट का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसके अलावा किसानों को भी राहत मिल सकती है। मुआवजा व विकसित जमीन को लेकर भी प्राधिकरण सजक है।
बजट में सिटी सेंटर से सेक्टर- 62 मेट्रो होगी अहम
इस बार के वित्तीय बजट में सिटी सेंटर से लेकर सेक्टर-62 मेट्रो रूट के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा अनुदान के रूप में डीएमआरसी को दिया जा सकता है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए के आकलन लगाया जा रहा है। बताते चले कि सिटी सेंटर से सेक्टर-62 तक रूट की डीपीआर से लेकर कागजी तौर पर सभी काम लगभग पूर्ण किए जा चुके है। ऐसे में अनुदान मिलते ही इस रूट पर कार्य शुरू किया जा सकता है।


