Top
Begin typing your search above and press return to search.

एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने बताया राजनीतिक भ्रम, बोले-गुजरात चुनाव से पहले ही हार की स्वीकार

भारतीय जनता पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया। भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक भ्रम में जीने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है।

एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने बताया राजनीतिक भ्रम, बोले-गुजरात चुनाव से पहले ही हार की स्वीकार
X

अहमदाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया। भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक भ्रम में जीने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है।

भाजपा की यह प्रतिक्रिया तब आई जब गुजरात कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद में सड़कों पर उतरकर एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राज्य भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को सपने देखना बंद कर देना चाहिए। कांग्रेस राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो गई है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा को तीन दशकों से ज्यादा समय से गुजरात के लोगों का समर्थन मिल रहा है और कहा कि पार्टी का जमीनी नेटवर्क उसे अगले विधानसभा चुनावों में भारी जीत दिलाने में मदद करेगा।

पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने एक तरह से 2027 में अपनी हार पहले ही मान ली है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेतृत्व की मजबूती और उनकी दूरदर्शी सोच की वजह से लोग लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं।

इससे पहले दिन में काले कपड़े पहने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पतंग होटल से सरदार बाग तक मार्च निकाला। वहां उन्होंने धरना दिया और बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह विरोध प्रदर्शन, वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के बड़े अभियान का हिस्सा था।

पार्टी ने सोमवार को पूरे गुजरात में प्रदर्शन आयोजित किए थे, जिसमें वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने के आरोपों को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चावड़ा ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से किसी असली वोटर का नाम हटाना किसी व्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।

उन्होंने कहा, "वोट की चोरी लोगों के वोट देने के अधिकार के साथ धोखा है।" चावड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के हाथों की कठपुतली बन गया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की और आरोप साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 2023 से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस, यात्राओं, विरोध प्रदर्शनों, हस्ताक्षर अभियानों, ज्ञापनों और संसद में हस्तक्षेप के जरिए वोट चोरी को लेकर चिंता जताते रहे हैं।

चावड़ा के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंताएं असली वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाने और वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़ने के आरोपों के रूप में सामने आईं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष और कानून के अनुसार जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण असली मतदाताओं, खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, बख्शीपंच समुदाय और आदिवासी इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने इस प्रक्रिया के बारे में पारदर्शी जवाब की मांग की और कहा कि अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it