राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ संशोधन विधेयक पेश, NEET विवाद पर संसद में हंगामा; रिजिजू बोले- चर्चा को तैयार
राज्यसभा में वंदे मातरम् संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया। NEET पेपर लीक विवाद पर संसद में लगातार पांचवें दिन हंगामा, किरेन रिजिजू ने चर्चा की अपील की जबकि राहुल गांधी ने माइक बंद करने का आरोप लगाया।

लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया।
लगातार पांचवें दिन नहीं चल सकी संसद की कार्यवाही
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के सांसदों ने "इस्तीफा-इस्तीफा" के नारे लगाए और सरकार से प्रधानमंत्री द्वारा सदन में बयान देने की भी मांग की।
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में पेश हुआ ‘वंदे मातरम्’ संशोधन विधेयक
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालता है या उसका अपमान करता है, तो इसे दंडनीय अपराध माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान रखा गया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण के मामले में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा मिल जाएगा।
रिजिजू ने विपक्ष से की चर्चा शुरू करने की अपील
लोकसभा में किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने विपक्षी नेताओं, विशेषकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से भी अनुरोध किया है कि सदन को चलने दिया जाए ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश को भरोसा दिला चुके हैं कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के घटनाक्रमों के बाद अब संसद में चर्चा होना जरूरी है, ताकि देश के युवाओं को सकारात्मक संदेश मिले।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वह अपनी बात रखना चाहते थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया और उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला।
राहुल गांधी ने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष इस मुद्दे पर किसी भी औपचारिक चर्चा में शामिल नहीं होगा। उनका कहना था कि जवाबदेही तय किए बिना केवल चर्चा से समस्या का समाधान नहीं होगा।
संसद में गतिरोध बरकरार
सत्ता पक्ष जहां चर्चा के जरिए गतिरोध खत्म करने की बात कर रहा है, वहीं विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी संसद के सुचारु संचालन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


