राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, पीएम मोदी पर टिप्पणी के मानहानि केस की सुनवाई पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ PM मोदी पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले की निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगाई। महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा।

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। मंगलवार को शीर्ष न्यायालय ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा जवाब
राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मानहानि मामले में उनके खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि मामले में निचली अदालत की आगे की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहेगी।
कांग्रेस नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में कानून पहले से स्पष्ट है और शीर्ष न्यायालय के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 सितंबर को राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने मानहानि मामले में जारी समन को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला मुंबई के गिरगांव स्थित मजिस्ट्रेट अदालत के 28 अगस्त 2019 के आदेश से जुड़ा है। मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने अपने 2021 के उस आदेश को जारी रखा था, जिसमें मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने का निर्देश दिया गया था, ताकि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकें।
2018 के भाषण को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत
शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी कर मानहानि की। शिकायत में दावा किया गया कि उनके बयान प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े भाजपा सदस्यों और नागरिकों के खिलाफ आरोपों के समान थे।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से फिलहाल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लग गई है। अब मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।


