दिल्ली में राहुल गांधी की हुंकार: कहा- 'जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, नहीं रुकेगा विपक्ष का आंदोलन
राहुल गांधी ने दिल्ली के त्रिलोकपुरी में 'वोट अधिकार' जन सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि CEC के इस्तीफे तक विपक्ष का आंदोलन नहीं रुकेगा, ऊपर से वोट चोरी हो रही है।

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी (ब्लॉक 20) में आयोजित 'वोट अधिकार जीने का अधिकार' जन सुनवाई में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में ऊपर के स्तर से वोट चोरी की जा रही है और सुनियोजित तरीके से गरीबों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
'जब तक इस्तीफा नहीं, तब तक जारी रहेगा आंदोलन'
राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर पूरा इंडिया गठबंधन (India Bloc) एकजुट है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते या सरकार उन्हें हटा नहीं देती, तब तक विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन थमेगा नहीं। राहुल ने कहा, "वोट हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसे छीना जा रहा है।"
गरीबों के अधिकार छीनने और 'नया हिंदुस्तान' बनाने का आरोप
जन सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि केवल चार बूथों से ही 416 नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया:
वोट चोरी का षड्यंत्र: गरीबों और आम नागरिकों के नाम मतदाता सूची से इसलिए हटाए जा रहे हैं ताकि उनके अधिकार और कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हों।
चुनिंदा अरबपतियों का हित: यह सब एक ऐसा 'नया हिंदुस्तान' बनाने के लिए किया जा रहा है, जो आम जनता का न होकर केवल कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों के लिए चलाया जाए।
विपक्ष का आगामी प्रदर्शन और पुलिस का रुख
यह पूरा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ खड़े हुए विरोध का हिस्सा है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 30 अक्टूबर को CEC के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रक्रिया और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘दिल्ली नामी’ जनसभा व ‘दिल्ली चलो’ मार्च का कार्यक्रम तय किया है।
इस बीच, कांग्रेस नेताओं द्वारा रैली की अनुमति रोके जाने के आरोपों पर दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि रामलीला मैदान के लिए दी गई अनुमति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विपक्ष ने हुंकार भरी है कि जब तक चुनाव आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष देशव्यापी स्तर पर जारी रहेगा।


