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अमेरिकी टैरिफ पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा- 4.5 करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों व्यवसाय खतरे में

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधी टिप्पणी की है। उन्होंने देश के आर्थिक हालात और रोजगार के मोर्चे पर अमेरिकी टैरिफ के कथित दुष्प्रभाव को लेकर पीएम मोदी को जवाबदेह ठहराया है। उन्होंने एक्स पर वीडियो साझा कर ये टिप्पणी की है।

अमेरिकी टैरिफ पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा- 4.5 करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों व्यवसाय खतरे में
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस फैसले और उससे जुड़ी अनिश्चितता का सबसे अधिक नुकसान भारत के कपड़ा निर्यातकों को हो रहा है।

राहुल गांधी के अनुसार, टैरिफ बढ़ोतरी के चलते निर्यात ऑर्डर घट रहे हैं, कई कारखाने बंद होने की कगार पर हैं और बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा रही हैं।

राहुल गांधी ने अपने बयान में लिखा कि नौकरियों का नुकसान, फैक्ट्रियों का बंद होना और ऑर्डरों में कमी आना आज देश की “बेहाल अर्थव्यवस्था” की सच्चाई बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कपड़ा उद्योग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्र पर इस संकट का सीधा असर पड़ा है, जहां पहले से ही लागत बढ़ने और वैश्विक मांग में गिरावट जैसी चुनौतियां मौजूद थीं। ऐसे में अमेरिकी टैरिफ ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में न तो सरकार ने कोई ठोस राहत पैकेज घोषित किया है और न ही अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर स्पष्ट रूप से कोई बात की है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में 4.5 करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों छोटे-बड़े व्यवसाय इस तरह की नीतिगत अनिश्चितताओं से खतरे में हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रभावी हस्तक्षेप नजर नहीं आता।

उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, “मोदी जी, आप जवाबदेह हैं; कृपया इस मामले पर ध्यान दें।” राहुल गांधी का कहना है कि सरकार को तुरंत कपड़ा उद्योग और अन्य निर्यात-आधारित क्षेत्रों के लिए राहत उपायों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि रोजगार बचाया जा सके और उद्योग को स्थिरता मिल सके।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की विदेश व्यापार नीति और कूटनीतिक प्रयास कमजोर रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सरकार वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखे हुए है और उद्योग हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, अमेरिकी टैरिफ का असर और उससे निपटने की सरकारी रणनीति देश में बहस का विषय बनी हुई है।


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