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‘मोदी जी आप तमिल जनता की आवाज को नहीं दबा सकते’, विजय की ‘जन नायकन’ के समर्थन में उतरे राहुल गांधी

मद्रास हाई कोर्ट ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीएफसी को जन नायकन को तुरंत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था, जिससे राजनीति में आए विजय की फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया।

‘मोदी जी आप तमिल जनता की आवाज को नहीं दबा सकते’, विजय की ‘जन नायकन’ के समर्थन में उतरे राहुल गांधी
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नई दिल्ली। थलापति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है ‘जन नायकन’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंसी है। अपने सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर फिल्म के मेकर्स अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। हालांकि, इस बीच विजय की फिल्म को तमिल सिनेमा के तमाम कलाकारों का समर्थन मिल रहा है। अब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है।

यह तमिल संस्कृति पर हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विजय की ‘जन नायकन’ की रिलीज अटकने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इसको लेकर अपने एक्स पर एक पोस्ट की है। इस पोस्ट में राहुल ने पीएम मोदी का जिक्र किया है। पोस्ट में राहुल ने लिखा, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 'जन नायकन' को रोकने का प्रयास तमिल संस्कृति पर हमला है। पीएम मोदी आप तमिल जनता की आवाज को दबाने में कभी सफल नहीं होंगे।’

पिछले हफ्ते मद्रास हाईकोर्ट ने दिया था यह आदेश

‘जन नायकन’ की रिलीज का मामला अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच चुका है। इससे पहले पिछले सप्ताह मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म को यूए सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने साफ किया था कि सीबीएफसी के चेयरपर्सन का फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का अधिकार अवैध था। कोर्ट के मुताबिक, जब चेयरपर्सन ने सिफारिश की थी कि सर्टिफिकेट कट के बाद जारी किया जाएगा, तब उनका ये अधिकार खत्म हो गया था। इसके बाद निर्माताओं ने सर्टिफिकेट तुरंत जारी करने की मांग के साथ अदालत का रुख किया था।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

हालांकि, अब मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। उच्चतम न्यायालय में इस चुनौती के पीछे मुख्य दलील ये है कि फिल्म को रिलीज करने से पहले सभी प्रॉसेस का पालन करना जरूरी है। साथ ही किसी भी तरह के सर्टिफिकेट जारी करने या रोकने के फैसले पर रिव्यू की संभावना बनी रहनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई के लिए तारीख तय नहीं की है, लेकिन इस कदम ने फिल्म के रिलीज को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।


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