राहुल गांधी को बड़ी राहत, सिखों पर टिप्पणी मामले में FIR की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सिख समुदाय पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग वाली याचिका अदालत ने खारिज कर दी।

प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सिख समुदाय से जुड़ी कथित विवादित टिप्पणी के मामले में बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर यह फैसला सुनाया।
यह याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने पहले वाराणसी की अदालत में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
वाराणसी की अदालत से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों को लेकर सारनाथ थाने में शिकायत दी थी। जब एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। 28 नवंबर 2024 को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM-II) ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी।
अदालत ने उस समय कहा था कि कथित टिप्पणी अमेरिका में की गई थी, इसलिए मामले में क्षेत्राधिकार का सवाल उठता है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने MP/MLA कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की, जिसे 21 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया गया। बाद में मामले की दोबारा सुनवाई हुई, लेकिन ACJM-IV कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया।
राहुल गांधी ने बताया था राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला
मामले में राहुल गांधी ने 25 अगस्त को MP/MLA कोर्ट में अपना लिखित जवाब दाखिल किया था। उन्होंने याचिकाकर्ता की ओर से की गई कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताया था। राहुल गांधी ने कहा था कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
उन्होंने खुद को सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा था कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका में दिए गए बयान का उद्देश्य सिख समुदाय के अधिकारों और देश के प्रति उसके योगदान को रेखांकित करना था।
अमेरिका में क्या बोले थे राहुल गांधी?
यह विवाद राहुल गांधी की 10 सितंबर 2024 की अमेरिका यात्रा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि भारत में सिख समुदाय के लोगों के मन में यह चिंता है कि क्या उन्हें पगड़ी और कड़ा पहनने तथा गुरुद्वारे जाने की आजादी मिलेगी।
राहुल ने कहा था कि यह सवाल केवल सिख समुदाय का नहीं, बल्कि भारत के सभी धर्मों और समुदायों के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि भाजपा भारत की विविधता और अलग-अलग राज्यों की भाषाओं, परंपराओं तथा संस्कृति को समान महत्व नहीं देती।
हाईकोर्ट के ताजा फैसले से राहुल गांधी को इस मामले में राहत मिली है। अदालत ने एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।


