प्रधानमंत्री के आवास के बाहर पहली बार धरने पर बैठे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने पैदल मार्च कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
वहीं, लोक कल्याण मार्ग पर पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री जितेंद्र सिंह धरना स्थल पर पहुंच कर राहुल गांधी से बात कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री राहुल गांधी को मना रहे हैं और धरना रोकने के लिए कह रहे हैं। उनके साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी धरना स्थल पर मौजूद हैं।
खड़गे के आवास से पैदल मार्च कर पहुंचे राहुल गांधी
धरने से पहले राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पहुंचे, जहां विपक्षी नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस सांसद करीब 7 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुंचे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी उनका समर्थन किया और विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया।
कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस समेत विपक्ष के नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस इन नेताओं को बस में लेकर जा रही है। हिरासत में लिए जाने वाले नेताओं में पंजाब के पूर्व सीएम चन्नी भी शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि हाल के शिक्षा संबंधी विवादों और परीक्षाओं में सामने आए मुद्दों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए और संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
दिल्ली में हुए इस विरोध प्रदर्शन के चलते प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शन पर प्रशासन की लगातार नजर बनी रही।


