Top
Begin typing your search above and press return to search.

'राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो Gen-Z नेता को बनाएंगे शिक्षा मंत्री', रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो Gen-Z नेता को शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी मांग की।

राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो Gen-Z नेता को बनाएंगे शिक्षा मंत्री, रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान
X

हैदराबाद। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए देशव्यापी आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दल लगातार युवाओं की भूमिका की सराहना कर रहे हैं। इसी क्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि यदि भविष्य में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी Gen-Z नेता को सौंपी जाए।

हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि हाल के आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि नई पीढ़ी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना जानती है। उनके अनुसार, युवाओं को केवल सड़कों पर आंदोलन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और संसद तक पहुंचने का अवसर भी मिलना चाहिए।

'युवाओं की आवाज संसद तक पहुंचनी चाहिए'

रेड्डी ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलों से इस विषय पर चर्चा करेंगे ताकि युवाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर गंभीरता से सोचती है और उनकी भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह व्यक्तिगत रूप से यह प्रयास करेंगे कि Gen-Z वर्ग से आने वाले किसी योग्य नेता को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जाए। उनका मानना है कि शिक्षा से जुड़े फैसलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से व्यवस्था अधिक जवाबदेह और आधुनिक बनेगी।

चुनाव लड़ने की उम्र घटाने की मांग

रेवंत रेड्डी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष किए जाने की भी वकालत की। उन्होंने बताया कि तेलंगाना सरकार इस संबंध में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने पर विचार कर रही है। इसके बाद केंद्र सरकार से संवैधानिक संशोधन की मांग की जाएगी।

मुख्यमंत्री का कहना है कि जब 18 वर्ष की आयु में युवाओं को मतदान का अधिकार मिल जाता है, तो उन्हें जनप्रतिनिधि बनने का अवसर भी पहले मिलना चाहिए। इससे राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा आएगी।

पेपर लीक आंदोलन का किया जिक्र

रेड्डी ने नीट पेपर लीक के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी। उनके अनुसार, इस आंदोलन ने यह संदेश दिया कि देश का युवा अपने अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए संगठित होकर आवाज उठा सकता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी ने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बहस को मजबूती दी है। इस दौरान उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी युवाओं की सराहना करते हुए उन्हें लोकतंत्र की नई ताकत बताया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it