राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से की मुलाकात, नीट और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर नीट पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर संसद में चर्चा की मांग की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक का मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गरमाया रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद में खुली बहस होनी चाहिए।
स्पीकर से चर्चा कराने की मांग
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से आग्रह किया कि नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर सदन में चर्चा कराई जाए। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संसद में गंभीर विचार-विमर्श आवश्यक है।
इस बीच, लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
खड़गे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो छात्र नीट परीक्षा और पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे, उनके साथ बल प्रयोग किया गया और कई छात्र अस्पतालों में भर्ती हैं।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्ष को संसद में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल इस बात पर चर्चा चाहता है कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के रवैये से देश में अराजकता का माहौल पैदा हो रहा है।
सांसदों की सुरक्षा का भी उठाया मुद्दा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सांसद स्वयं सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब देने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग दोहराई।
अरविंद केजरीवाल ने छात्रों को दिया मदद का भरोसा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी छात्रों के समर्थन में बयान जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि जरूरतमंद छात्र हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह लड़ाई न्याय और पारदर्शिता की लड़ाई है, जिसमें वे उनके साथ खड़े हैं।


