केरल में राहुल गांधी बोले- जनता को यूडीएफ पर पूरा भरोसा, जनता बदलाव के लिए तैयार
राहुल गांधी ने केरल चुनाव के लिए यूडीएफ को एक मजबूत टीम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ईमानदारी से काम करने वाली सरकार और बदलाव चाहती है। कांग्रेस ने 92 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें किसी सांसद को जगह नहीं मिली है। राहुल ने केरल को अपना घर बताते हुए जीत का दावा किया।

तिरुअनंतपुरम। केरल में चुनाव का एलान हो गया है। चुनावी हलचल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि केरल के लोग अब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने राज्य में यूडीएफ की सरकार बनाने की वकालत की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा 'टीम यूडीएफ ही टीम केरलम है।'
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज, उनकी उम्मीदों और उनके भरोसे को दर्शाता है। इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ बदलाव लाने वाले युवा चेहरे भी शामिल हैं। यह पुरुषों और महिलाओं का एक ऐसा मजबूत समूह है, जो अपने चुनाव क्षेत्र की बारीकियों और समस्याओं को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।
मेरे लिए केरलम एक घर की तरह:राहुल
वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने केरल से अपने खास लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए केरलम एक घर की तरह है और वहां के लोग मेरा परिवार हैं। केरल के लोगों ने मुझे जो कुछ भी सिखाया है और मुझे जितना प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं उनका कर्जदार हूं। मैं हमेशा आपका साथी बनकर रहूंगा।'
केरल के लोग बदलाव के लिए तैयार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केरलम से मिलने वाला संदेश बिल्कुल साफ है। लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। वे एक ऐसी सरकार की तलाश में हैं जो उनकी बात सुने, उनकी समस्याओं को समझे और ईमानदारी के साथ काम करके दिखाए। उन्होंने वादा किया कि आने वाली यूडीएफ सरकार के साथ मिलकर वे इस खूबसूरत राज्य के बेहतर भविष्य के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केरल जीतेगा और यूडीएफ नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी
राहुल गांधी का यह संदेश कांग्रेस की ओर से 92 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के एक दिन बाद आया है। केरल में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी एलडीएफ को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने इस बार किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव के मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है।
कांग्रेस 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही
पार्टी ने अंदरूनी दबाव के बावजूद अपने राज्य स्तर के नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है। कांग्रेस कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सीटें यूडीएफ के अन्य सहयोगी दलों और कुछ निर्दलीयों के लिए छोड़ी गई हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस पिछले एक दशक से केरल की सत्ता से बाहर है।


