रायबरेली में राहुल गांधी को मिली दादा फिरोज की ‘अमानत’, देखते ही मां सोनिया को शेयर की तस्वीर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को रायबरेली में एक युवक ने उनके दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। विकास सिंह के परिजनों ने दशकों तक इसे संभाल के रखा और फिर गांधी परिवार को लौटा दिया।

रायबरेली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान अपने दादा फिरोज गांधी का लंबे समय से खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस मिला। एक स्थानीय परिवार ने दशकों तक इसको सहेज कर रखा हुआ था। कांग्रेस नेता के अपने लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दूसरे दिन रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के सदस्य विकास सिंह ने गांधी को यह सौंपा।
विकास सिंह ने कहा, कई साल पहले, रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान मेरे ससुर को ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। उन्होंने इसे सुरक्षित रख लिया और उनके निधन के बाद, मेरी सास ने इसे संभाल कर रखा। उन्होंने आगे कहा, जब हमें पता चला कि राहुल गांधी रायबरेली आ रहे हैं, तो हमने इसे उन्हें सौंपना अपना कर्तव्य समझा।
गांधी परिवार की अमानत
विकास सिंह ने कहा कि परिवार इस डॉक्यूमेंट को एक अमानत मानता है। इसे जल्द ही गांधी परिवार को सौंपना जरूरी था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जब मंच पर लाइसेंस दिया गया तो वह उसको बड़े ध्यान से देखते रहे और तुरंत उसकी एक फोटो अपनी मां कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को व्हाट्सएप पर शेयर की।
कौन थे फिरोज गांधी?
फिरोज गांधी का जन्म 12 सितंबर 1912 को मुंबई में एक पारसी परिवार में हुआ था। फिरोज के पिता का नाम जहांगीर और माता का नाम रतिमाई था। 1915 में वे मां के साथ इलाहाबाद में आ गए। इस तरह उनकी शुरुआती पढ़ाई इलाहाबाद में हुई। इलाहाबाद उन दिनों स्वाधीनता आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों का केंद्र था। युवक फिरोज इसके प्रभाव में आए। इसी दौरान नेहरू परिवार से भी उनका संपर्क बढ़ा।


