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महाराष्ट्र एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर राहुल गांधी-खरगे का हमला, ‘वोट चोरी’ के आरोपों से फिर गरमाई सियासत

महाराष्ट्र एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2.07 करोड़ नाम बाहर होने के दावे पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर हमला बोला और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए।

महाराष्ट्र एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर राहुल गांधी-खरगे का हमला, ‘वोट चोरी’ के आरोपों से फिर गरमाई सियासत
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आने के बाद कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच सियासी टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महाराष्ट्र की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ड्राफ्ट सूची से करीब 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर किए गए हैं। राहुल गांधी ने इसे महाराष्ट्र के हर पांचवें मतदाता के नाम हटाए जाने के बराबर बताया।

उन्होंने महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में करीब 39 लाख की बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अलग-अलग चुनावों और SIR के दौरान मतदाताओं की संख्या में इतना बड़ा अंतर क्यों दिखाई दे रहा है।

‘कौन सी मतदाता सूची सही थी?’

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव 2024 की मतदाता संख्या करीब 9.29 करोड़, विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 9.7 करोड़ और SIR ड्राफ्ट में करीब 7.78 करोड़ मतदाताओं के आंकड़े का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि इनमें से कौन-सी सूची सही मानी जाए।

उन्होंने अपने पोस्ट में पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया का भी उल्लेख किया और दावा किया कि वहां ड्राफ्ट सूची से हटाए गए बड़ी संख्या में नाम अपील के बाद वापस जोड़े गए।

खरगे बोले- ‘जहां सुविधा, वहां वोट जोड़े जाते हैं’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भाजपा को राजनीतिक फायदा होता है, वहां मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और जहां असुविधा होती है, वहां नाम हटाए जाते हैं।

खरगे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे ‘भाजपा की कुर्सी बचाओ आयोग’ तक कह दिया। उन्होंने महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या में हुई कथित बढ़ोतरी और SIR ड्राफ्ट में 2.07 करोड़ नामों के बाहर होने को लेकर जवाब मांगा।

दिल्ली को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल

खरगे ने दिल्ली में भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ी और अब ड्राफ्ट सूची में 47.56 लाख नाम नहीं हैं, जबकि 33 लाख अन्य मतदाताओं को नोटिस दिए जाने की तैयारी है।

कांग्रेस नेताओं के इन आरोपों के बाद महाराष्ट्र की SIR प्रक्रिया राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। हालांकि, मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े और नाम हटाए जाने के कारणों को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।


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