टीएमसी विधायक मदन मित्रा पर ईडी का शिकंजा, भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल में 7 ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले को लेकर ED ने TMC विधायक मदन मित्रा के कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में नकदी, दस्तावेज और बैंक खातों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।

दक्षिणेश्वर स्थित आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी
ED की कोलकाता इकाई ने सुबह से ही मदन मित्रा के दक्षिणेश्वर स्थित आवास और अन्य संबंधित परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक तलाशी के दौरान कुछ नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और छह बैंक खातों से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कामरहाटी नगरपालिका सहित कई नगर निकायों में नियुक्तियों के दौरान नियमों की अनदेखी कर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाई गई। इसके बदले कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली गई। जांच में 125 से अधिक संदिग्ध नियुक्तियों का उल्लेख सामने आया है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई जांच
इस मामले की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर दर्ज CBI की एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ाई गई। ED ने अदालत में दायर अपने आवेदन में दावा किया था कि विभिन्न नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के सबूत मिले हैं।
इससे पहले मई में एजेंसी ने इसी मामले में TMC नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था और कई अन्य लोगों से पूछताछ की थी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों ने भर्ती घोटाले के दायरे को और व्यापक बना दिया।
शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मिले अहम सुराग
ED को इस मामले के सुराग शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान मिले थे। वर्ष 2023 में कारोबारी अयान शील और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी में कई डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी OMR शीट, मेरिट सूची और परीक्षा मूल्यांकन में कथित हेरफेर किया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि कई नगरपालिकाओं में मजदूर, क्लर्क, सफाई कर्मचारी, ड्राइवर और अन्य पदों पर नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


