ईडी की गोपाल कांडा से जुड़ी जगहों पर छापेमारी, रियल एस्टेट मामले में क्या है पूरा विवाद?
ED ने पूर्व हरियाणा मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत हुई।

निवेशकों से जुटाए गए करोड़ों रुपये, प्रोजेक्ट अधूरे रहने का आरोप
ईडी की पिछली जांच में सामने आया था कि वाटिका लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों ने विभिन्न कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए निवेशकों से रकम जुटाई। एजेंसी के मुताबिक, कई निवेशकों को आश्वासन के बावजूद न तो तय रिटर्न मिला और न ही संबंधित कमर्शियल यूनिट्स का कब्जा दिया गया। जांच में करीब 250 करोड़ रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता चलने की बात कही गई थी।
ईडी ने इस मामले में पहले भी गुरुग्राम और दिल्ली में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। अधिकारियों ने निवेश से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। अब गोपाल कांडा से जुड़े घर, फार्महाउस और ऑफिस की तलाशी के जरिए एजेंसी कथित फंड ट्रांसफर और उससे जुड़े लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी है ED की कार्रवाई
वाटिका मामले में ED की जांच कई FIR के आधार पर आगे बढ़ी थी। एजेंसी ने बताया था कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जुड़े मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और संपत्ति की डिलीवरी के लिए कथित तौर पर गलत तरीके से प्रेरित करने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
कौन हैं गोपाल कांडा?
गोपाल कांडा हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और सिरसा से विधायक रह चुके हैं। वह राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनका नाम पहले गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में भी सामने आया था। हालांकि, 2023 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें उस मामले में आरोपों से बरी कर दिया था।
फिलहाल ED की ताजा कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है। छापेमारी जांच का हिस्सा है और एजेंसी की कार्रवाई में सामने आने वाले दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।


