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बॉलीवुड में क्यों नहीं टिक पाए कुमार गौरव?

मुंबई, बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हुए हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से ऐसा धमाका किया कि हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी। लोगों को लगा कि ये स्टार आने वाले कई सालों तक इंडस्ट्री पर राज करेंगे।

बॉलीवुड में क्यों नहीं टिक पाए कुमार गौरव?
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मुंबई, बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हुए हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से ऐसा धमाका किया कि हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी। लोगों को लगा कि ये स्टार आने वाले कई सालों तक इंडस्ट्री पर राज करेंगे। लेकिन, किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। ऐसी ही कहानी है दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव की, जिन्होंने पहली ही फिल्म से रातोंरात स्टारडम हासिल किया, लेकिन उस सफलता को लंबे समय तक बरकरार नहीं रख सके।

11 जुलाई 1967 को लखनऊ में जन्मे कुमार गौरव बचपन से ही फिल्मी माहौल में पले-बढ़े। उनके पिता राजेंद्र कुमार अपने दौर के सबसे सफल अभिनेताओं में गिने जाते थे। ऐसे में फिल्मों की दुनिया से उनका जुड़ना लगभग तय माना जा रहा था। साल 1981 में उन्होंने निर्देशक राहुल रवैल की फिल्म 'लव स्टोरी' से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई और कुमार गौरव देशभर के युवाओं के नए रोमांटिक हीरो बन गए। उनके हेयरस्टाइल, ड्रेसिंग सेंस और मासूम मुस्कान की खूब चर्चा हुई। उस दौर में लड़कियां उनकी दीवानी थीं और हर निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में साइन करना चाहता था।

लेकिन कहते हैं कि बॉलीवुड में सिर्फ एक हिट फिल्म काफी नहीं होती। असली चुनौती उस सफलता को लगातार बनाए रखने की होती है। यही वह मोड़ था, जहां कुमार गौरव पिछड़ गए। 'लव स्टोरी' के बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'तेरी कसम', 'स्टार', 'लवर्स', 'नाम', 'फूल', 'कांटे' और कई अन्य शामिल रहीं। हालांकि इनमें से कुछ फिल्मों को सराहना मिली, लेकिन उन्हें वह स्टारडम दोबारा नहीं मिला, जो पहली फिल्म ने दिलाया था।

कुमार गौरव के करियर को लेकर एक किस्सा अक्सर सुनने को मिलता है। कहा जाता है कि पहली फिल्म की बड़ी सफलता के बाद उन्होंने नई और उभरती हुई अभिनेत्रियों के साथ काम करने से दूरी बना ली थी। इसी वजह से उन्होंने मंदाकिनी के साथ फिल्म करने से भी इनकार कर दिया। बाद में मंदाकिनी ने 'राम तेरी गंगा मैली' से जबरदस्त सफलता हासिल की और रातोंरात स्टार बन गईं। वहीं कुमार गौरव का करियर धीरे-धीरे ढलान पर जाने लगा।

समय के साथ दर्शकों की पसंद भी बदलती गई और कुमार गौरव की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार असफल होती रहीं। एक समय ऐसा आया जब उन्हें साइड रोल स्वीकार करने पड़े। साल 2002 में फिल्म 'कांटे' में नजर आने के बाद उन्होंने लगभग फिल्मों से दूरी बना ली। इसके बाद 2009 में वह एक छोटे प्रोजेक्ट 'माय डैडी स्ट्रॉन्गेस्ट' में दिखाई दिए, लेकिन उसके बाद बड़े पर्दे पर उनकी वापसी नहीं हो सकी।

फिल्मों से दूर होने के बाद कुमार गौरव ने बिजनेस की दुनिया का रुख किया।

अगर उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो कुमार गौरव ने साल 1984 में नम्रता दत्त से शादी की। नम्रता, अभिनेता संजय दत्त की बहन हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने फिल्म 'नाम' में साथ काम भी किया था और उनकी दोस्ती आज भी अच्छी मानी जाती है। कुमार गौरव और नम्रता की दो बेटियां हैं।


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