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जब सेट पर अचानक गरजे सुनील दत्त, घबरा गई थीं वहीदा रहमान

मुंबई, हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों से जुड़े किस्से आज भी लोग बड़े ही दिलचस्पी से सुनते और पढ़ते हैं। ऐसी ही एक किस्सा अभिनेत्री वहीदा रहमान ने टॉक शो 'जीना इसी का नाम है' में साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म 'मुझे जीने दो' की शूटिंग के दौरान अभिनेता सुनील दत्त अचानक लोगों पर जोर-जोर से चिल्लाने लगे थे।

जब सेट पर अचानक गरजे सुनील दत्त, घबरा गई थीं वहीदा रहमान
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मुंबई, हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों से जुड़े किस्से आज भी लोग बड़े ही दिलचस्पी से सुनते और पढ़ते हैं। ऐसी ही एक किस्सा अभिनेत्री वहीदा रहमान ने टॉक शो 'जीना इसी का नाम है' में साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म 'मुझे जीने दो' की शूटिंग के दौरान अभिनेता सुनील दत्त अचानक लोगों पर जोर-जोर से चिल्लाने लगे थे। उस समय किसी को समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्या हो गया है, लेकिन कुछ देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो हर कोई हैरान रह गया।

वहीदा ने कहा, "मैंने सुनील दत्त के साथ उनकी दो होम प्रोडक्शन फिल्मों 'मुझे जीने दो' और 'रेशमा और शेरा' में काम किया। इसके अलावा भी हमने दो-तीन फिल्मों में साथ काम किया। वह अपनी फिल्मों के लिए हमेशा बेहद दिलचस्प और खूबसूरत लोकेशन चुनते थे। 'मुझे जीने दो' की शूटिंग के दौरान हम चंबल घाटी में टेंट लगाकर रहते थे। सुनील दत्त फिल्म में ठाकुर जरनैल सिंह का किरदार निभा रहे थे, और वह उस किरदार को असल जिंदगी में भी जीने लगे थे। वह न हंसते थे, न मुस्कुराते थे, और पूरी तरह अपने रोल में डूबे रहते थे।"

उन्होंने आगे बताया, ''कुछ दिनों बाद नरगिस जी अपने छोटे बेटे संजू (संजय दत्त), जो उस समय करीब ढाई साल के थे, के साथ शूटिंग पर पहुंचीं। उन्हें देखते ही मैंने उनसे सुनील दत्त की शिकायत की। मैंने कहा, 'नरगिस, अपने पति को समझाइए। ये असल जिंदगी में भी डाकू की तरह क्यों व्यवहार कर रहे हैं? बिल्कुल हिटलर जैसे हो गए हैं। हर समय पूछते रहते हैं- 'कहां जा रहे हो? क्यों आ रहे हो?'''

वहीदा ने आगे कहा, ''तीन दिन बाद शूटिंग के दौरान मैं, निरूपा रॉय और नरगिस जी घाट पर बैठकर खाना खा रहे थे और बातें कर रहे थे। तभी सुनील दत्त वहां आए और जोर से बोले, 'मिसेज दत्त, उठिए… आप सब भी उठिए… वहीदा जी, उठिए।' शुक्र है कि उन्होंने मुझे 'वहीदा जी' कहा। तब नरगिस जी ने पूछा, 'क्या हुआ?' इस पर उन्होंने कहा, 'आप बहुत सवाल पूछती हैं, बस उठिए।' हम सब एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे कि आखिर मामला क्या है।''

वहीदा रहमान ने बताया, ''कुछ देर बाद सुनील दत्त बीएसएफ के कमांडर के साथ लौटे। उनके चेहरे देखकर ही हमें लगा कि मामला गंभीर है। उन्होंने कहा- 'लेडीज, जल्दी उठिए और जीप में बैठ जाइए।' एक जीप आगे थी और दूसरी पीछे। हमें बीच वाली जीप में बैठाया गया और चारों ओर हथियारबंद जवान तैनात थे।''

वहीदा रहमान और सुनील दत्त ने 'एक फूल चार कांटे', 'मुझे जीने दो', 'मेरी भाभी', 'दर्पण', 'रेशमा और शेरा' और 'जिंदगी जिंदगी' जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया।

बता दें कि दिग्गज अभिनेता और राजनेता सुनील दत्त का 25 मई 2005 को निधन हो गया था। मुंबई के बांद्रा स्थित अपने आवास पर नींद में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका निधन हो गया।


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