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'गंगा माई की बेटियां' में रैगिंग सीन को लेकर वैष्णवी प्रजापति ने साझा किया अनुभव, कहा- 'सोनी का दर्द महसूस करना आसान नहीं था'

मुंबई, टीवी शो 'गंगा माई की बेटियां' में रैगिंग सीन्स को फिल्माते समय अभिनेत्री वैष्णवी प्रजापति काफी इमोशनल हो गईं। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अपने किरदार सोनी के दर्द और उसकी मजबूरी को पर्दे पर उतारना काफी चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा।

गंगा माई की बेटियां में रैगिंग सीन को लेकर वैष्णवी प्रजापति ने साझा किया अनुभव, कहा- सोनी का दर्द महसूस करना आसान नहीं था
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मुंबई, टीवी शो 'गंगा माई की बेटियां' में रैगिंग सीन्स को फिल्माते समय अभिनेत्री वैष्णवी प्रजापति काफी इमोशनल हो गईं। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अपने किरदार सोनी के दर्द और उसकी मजबूरी को पर्दे पर उतारना काफी चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा।

वैष्णवी प्रजापति ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''जब मैंने रैगिंग से जुड़े सीन की स्क्रिप्ट पढ़ी, तभी से मैं कहानी से भावनात्मक रूप से जुड़ गई थी। इन सीन्स को निभाने के लिए केवल डायलॉग बोलना ही काफी नहीं था, बल्कि अपने किरदार की मानसिक स्थिति को समझना और महसूस करना भी था। मेरी ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन हुई है, इसलिए मैंने कभी रैगिंग का सामना नहीं किया। मैं जानती हूं कि कई छात्रों के लिए यह एक बड़ी समस्या है और इसके कारण उन्हें मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है।''

वैष्णवी ने रैगिंग और दोस्तों के बीच होने वाली सामान्य मस्ती के अंतर को भी समझाया। उन्होंने कहा, ''दोस्तों के बीच हल्की-फुल्की हंसी-मजाक और किसी को मानसिक रूप से परेशान करने वाली हरकतों में बड़ा फर्क होता है। किसी भी व्यक्ति के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने वाली या उसे डराने वाली रैगिंग को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता।''

वैष्णवी ने शो के एक खास सीन का जिक्र करते हुए कहा, ''सोनी के कपड़े फटने वाला सीन मेरे लिए सबसे मुश्किल सीन्स में से एक था। उस सीन को करते समय मेरे मन में बार-बार यह विचार आ रहा था कि अगर असल जिंदगी में किसी के साथ ऐसा कुछ होता है तो वह कितना दर्दनाक हो सकता है।''

उन्होंने आगे बताया, ''शूटिंग से पहले मेरे मन में यह सवाल भी आया था कि सोनी जैसी मजबूत लड़की आखिर रैगिंग करने वालों का विरोध क्यों नहीं कर रही है। जब मैंने किरदार की भावनाओं को गहराई से समझा तो एहसास हुआ कि डर, दबाव और मानसिक आघात किसी भी व्यक्ति को अंदर से प्रभावित कर सकते हैं। सोनी का चुप रहना उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उस समय की उसकी मानसिक स्थिति को दिखाता है।''

उन्होंने कहा, ''एक कलाकार के तौर पर इन सीन को शूट करते हुए मैं कई बार भावुक हुई, लेकिन साथ ही मुझे गर्व भी महसूस हुआ कि मैं ऐसी कहानी का हिस्सा हूं, जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर बात कर रही है।''

आने वाले एपिसोड में शो की कहानी में एक बड़ा मोड़ देखने को मिलेगा। रैगिंग के लिए जिम्मेदार छात्रा शिवानी अपनी चालाकी से पूरे मामले को बदलने की कोशिश करेगी। वह घटनाओं को इस तरह पेश करेगी कि ऐसा लगेगा जैसे सोनी ने ही उसे परेशान किया है। इस बदलाव के बाद कहानी में नया संघर्ष देखने को मिलेगा।

'गंगा माई की बेटियां' में वैष्णवी प्रजापति के साथ अमनदीप सिद्धू और शहीर खान भी मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह रोजाना जी टीवी पर प्रसारित किया जाता है।


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