42 के हुए तोशी सबरी: रियलिटी शो से की सिंगिंग की शुरुआत, अब है नामी म्यूजिक डायरेक्टर
मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार और गायक मुहम्मद ओवेज सबरी, जिन्हें तोशी सबरी के नाम से जाना जाता है, 4 जुलाई को अपना 42वां जन्मदिन मनाएंगे। रियलिटी शो के जरिए अपने गायन करियर की शुरुआत करने वाले तोशी ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है।

मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार और गायक मुहम्मद ओवेज सबरी, जिन्हें तोशी सबरी के नाम से जाना जाता है, 4 जुलाई को अपना 42वां जन्मदिन मनाएंगे। रियलिटी शो के जरिए अपने गायन करियर की शुरुआत करने वाले तोशी ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कई लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज दी है और अपने भाई शारिब के साथ मिलकर अनेक चर्चित गीतों का संगीत भी तैयार किया है।
तोशी का जन्म एक संगीतकार परिवार में हुआ। उनके पिता उस्ताद अकरम सबरी शास्त्रीय संगीत के प्रतिष्ठित कलाकार थे। उन्होंने बचपन से ही तोशी को संगीत की बारीकियां सिखाईं। इसके बाद तोशी ने रियलिटी शो के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जहां उनकी आवाज ने जजों का ध्यान आकर्षित किया। यहीं से उनके बॉलीवुड सफर की शुरुआत हुई।
साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म 'राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज' के गीत 'माही' से तोशी को व्यापक पहचान मिली। यह गीत काफी लोकप्रिय हुआ। उनकी गायकी में कव्वाली की गहराई, सूफी संगीत की आध्यात्मिकता और आधुनिक संगीत का प्रभाव देखने को मिलता है। फिल्मों के अलावा उन्होंने स्टेज शो, ऑर्केस्ट्रा और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
शारिब-तोशी की जोड़ी ने कई यादगार गीतों का संगीत तैयार किया है। फिल्म 'जैकपॉट' का गीत 'कभी जो बादल बरसे' उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है। फिल्म 'जिद' के गीत 'तू जरूरी' को भी श्रोताओं ने खूब पसंद किया। वहीं, फिल्म 'हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया' का गीत 'सैटरडे-सैटरडे' भी काफी लोकप्रिय हुआ, जिसका संगीत शारिब-तोशी ने तैयार किया था।
शारिब और तोशी ने साथ मिलकर कई बड़ी फिल्मों के लिए संगीत दिया है। उनके संगीतबद्ध गीत 'प्यार की मां की' और 'बंदेया' भी काफी चर्चित रहे। इसके अलावा 'समझावां' का मूल संगीत भी शारिब-तोशी ने तैयार किया था, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।


